Smart PDS 2.0 UP: यूपी राशन कार्ड धारकों के लिए लागू हुआ नया नियम, 5 बड़े बदलावों से कोटेदार नहीं कर पाएंगे धांधली

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Smart PDS 2.0 UP: यूपी राशन कार्ड धारकों के लिए लागू हुआ नया नियम, 5 बड़े बदलावों से कोटेदार नहीं कर पाएंगे धांधली

मुख्य बिंदुQuick Read

  • फेस ऑथेंटिकेशन, डिजिटल वेइंग स्केल और अनिवार्य e-KYC से बदली राशन प्रणाली; जानें क्यों जरूरी है आधार सत्यापन वरना कट सकता है लिस्ट से नाम।
महत्वपूर्ण सूचना: खाद्य एवं रसद विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा स्मार्ट पीडीएस 2.0 के तहत सभी राशन कार्ड सदस्यों का शत-प्रतिशत e-KYC और आधार सीडिंग अनिवार्य किया गया है। अधूरी ई-केवाईसी वाले नामों को राशन लिस्ट से निष्क्रिय किया जा रहा है।

Smart PDS 2.0 क्या है और यह पुराने सिस्टम से कैसे अलग है?

स्मार्ट पीडीएस 2.0 क्लाउड-आधारित तकनीक, आधुनिक ई-पॉस (e-PoS) मशीनों और स्मार्ट डिजिटल कार्ड पर आधारित एक एकीकृत व्यवस्था है। पुराने सिस्टम में बायोमेट्रिक विफलता या नेटवर्क समस्या के चलते लाभार्थियों को अक्सर दिक्कतों का सामना करना पड़ता था, जिसे नए संस्करण में आधुनिक टूल्स के साथ दूर किया गया है।

राशन कार्ड धारकों के लिए 5 बड़े बदलाव

1. फेस ऑथेंटिकेशन (Face Authentication) की सुविधा

बुजुर्गों और मेहनतकश श्रमिकों के हाथों के फिंगरप्रिंट घिस जाने के कारण ई-पॉस मशीन पर अक्सर अंगूठा मैच नहीं होता था। स्मार्ट पीडीएस 2.0 में आयरिस स्कैनिंग के साथ-साथ अब फेस रिकॉग्निशन तकनीक शुरू की गई है, जिससे चेहरा स्कैन करके भी 10 सेकंड में राशन प्राप्त किया जा सकता है।

2. इलेक्ट्रॉनिक वेइंग स्केल (Electronic Weighing Scale) लिंकेज

दुकानदारों द्वारा कम तौलने (घटतौली) की शिकायतों को खत्म करने के लिए कोटेदार की ई-पॉस मशीन को सीधे इलेक्ट्रॉनिक कांटे से जोड़ दिया गया है। जब तक कांटे पर निर्धारित वजन पूरा नहीं रखा जाएगा, मशीन से राशन पर्ची जनरेट नहीं होगी।

3. वन नेशन-वन राशन कार्ड (ONORC) की बेहतर पोर्टेबिलिटी

उत्तर प्रदेश के प्रवासी कामगार जो राज्य के भीतर किसी दूसरे शहर या राज्य के बाहर रहते हैं, वे स्मार्ट पीडीएस 2.0 के रियल-टाइम डेटा सिंकिंग के कारण बिना किसी रुकावट के अपने कोटे का राशन किसी भी सरकारी राशन दुकान से ले सकते हैं।

4. स्मार्ट डिजिटल राशन कार्ड और क्यूआर कोड

पारंपरिक राशन कार्ड बुकलेट की जगह अब क्यूआर कोड (QR Code) युक्त डिजिटल राशन कार्ड प्रारूप को प्राथमिकता दी जा रही है। लाभार्थी डिजिलॉकर या उमंग ऐप से सीधे अपना ई-राशन कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं।

5. परिवार के सदस्यों की अनिवार्य ई-केवाईसी (e-KYC)

फर्जी और मृत लाभार्थियों के नाम हटाने के लिए राशन कार्ड में दर्ज प्रत्येक यूनिट (परिवार के सदस्य) का नजदीकी कोटेदार की दुकान पर जाकर बायोमेट्रिक सत्यापन कराना अनिवार्य किया गया है।

नया और पुराना सिस्टम: त्वरित तुलना (Comparison Table)

फीचरपारंपरिक PDS सिस्टमSmart PDS 2.0 सिस्टम
सत्यापन माध्यमकेवल फिंगरप्रिंट (अंगूठा)फिंगरप्रिंट + फेस रिकॉग्निशन + आईरिस
तौल प्रणालीमैनुअल कांटा (घटतौली का खतरा)e-PoS से ऑटो-लिंक्ड डिजिटल स्केल
डेटाबेस अपडेटलोकल/देरी से सिंकक्लाउड-बेस्ड रियल टाइम ट्रैकिंग
राशन पर्चीसाधारण प्रिंटेड स्लिपडिजिटल SMS अलर्ट व क्यूआर कोड रसीद

राशन रुकने से बचने के लिए तुरंत करें ये काम

  • अपने नजदीकी उचित दर विक्रेता (कोटेदार) के पास जाएं और परिवार के सभी सदस्यों का आधार बायोमेट्रिक सत्यापन कराएं।
  • खाद्य एवं रसद विभाग के पोर्टल fcs.up.gov.in पर जाकर राशन कार्ड की वर्तमान पात्रता सूची में अपना नाम जांचें।
  • राशन कार्ड में अपना चालू मोबाइल नंबर लिंक रखें ताकि राशन उठान और कोटे का सही वजन तुरंत SMS पर प्राप्त हो सके।

निष्कर्ष

Smart PDS 2.0 उत्तर प्रदेश के गरीब और जरूरतमंद परिवारों के अधिकारों को सुरक्षित करने की दिशा में एक मजबूत कदम है। नई प्रणाली से न केवल पारदर्शिता आई है, बल्कि बिना किसी बिचौलिए के सही वजन और सही समय पर राशन प्राप्त करना हर कार्डधारक के लिए बेहद सुगम हो गया है।

संपादकीय लेखक एवं रिपोर्टर
संपादकीय मंडल (Board)
Shashank Dwivedi | रीवा रियासत
सह-संस्थापक एवं वरिष्ठ संपादक • रीवा रियासत

द सिटी एक्सप्रेस के सह-संस्थापक एवं वरिष्ठ संपादक। नीतिगत विश्लेषण, समसामयिक विषयों पर गहन दृष्टिकोण और क्षेत्रीय समाचार समन्वय। डिजिटल मीडिया आचार संहिता व शिकायत निवारण (Grievance Redressal) के प्रभारी।

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