>रीवा / मध्य प्रदेश: हुजूर तहसील के ग्राम बांस निवासी बुजनंदन शर्मा ने राजस्व विभाग के एक अधिकारी पर बिना मौके पर जांच किए प्रतिवेदन तैयार करने का आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता ने गोविंदगढ़ से जारी 21 फरवरी 2025 के प्रतिवेदन को निरस्त कर जांच दल गठित करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। शिकायत में राजस्व निरीक्षक विनोद पाण्डेय की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं।
राजस्व निरीक्षक पर बिना मौका जांच रिपोर्ट बनाने का आरोप
शिकायतकर्ता बुजनंदन शर्मा, निवासी ग्राम बांस, तहसील हुजूर ने आरोप लगाया है कि नायब तहसीलदार गोविंदगढ़ ने स्वयं जांच करने के बजाय राजस्व निरीक्षक विनोद पाण्डेय को जांच के लिए अधिकृत किया था। इसके बाद तैयार प्रतिवेदन में मौके पर जाकर जांच और नाप किए बिना जानकारी प्रस्तुत किए जाने का आरोप लगाया गया है।
शिकायतकर्ता का कहना है कि संबंधित प्रतिवेदन वास्तविक स्थिति की जांच किए बिना तैयार किया गया है और यह प्रक्रिया नियमों के विपरीत है।
24 दिसंबर 2024 को जांच दल से अलग करने का आवेदन देने का दावा
आवेदन में बताया गया है कि राजस्व निरीक्षक विनोद पाण्डेय को जांच दल से अलग करने के संबंध में 24 दिसंबर 2024 को प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया था। इसके बावजूद शिकायतकर्ता के अनुसार, उन्हें जांच प्रक्रिया से अलग नहीं किया गया और उन्हीं के माध्यम से प्रतिवेदन तैयार कर प्रस्तुत किया गया।
21 फरवरी 2025 के प्रतिवेदन को निरस्त करने की मांग
बुजनंदन शर्मा ने गोविंदगढ़ से जारी 21 फरवरी 2025 के प्रतिवेदन को निरस्त करने की मांग की है। उन्होंने आवेदन में कहा है कि मामले की वास्तविक स्थिति जानने के लिए स्वतंत्र जांच दल गठित किया जाए, जो मौके पर पहुंचकर निरीक्षण और आवश्यक नाप करे।
शिकायतकर्ता ने यह भी मांग की है कि संबंधित राजस्व निरीक्षक को जांच प्रक्रिया से अलग रखते हुए किसी निष्पक्ष अधिकारी या टीम से जांच कराई जाए।
निष्पक्ष जांच के बाद स्पष्ट होगी स्थिति
फिलहाल उपलब्ध शिकायत में राजस्व निरीक्षक पर लगाए गए आरोप शिकायतकर्ता के पक्ष के दावे हैं। संबंधित अधिकारी का जवाब और विभागीय जांच का निष्कर्ष उपलब्ध नहीं है। मामले में प्रतिवेदन की वास्तविकता और जांच प्रक्रिया में नियमों का पालन हुआ या नहीं, यह विभागीय जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।