पंचायत राज संचालनालय, मध्य प्रदेश की ओर से 28 अक्टूबर 2026 को जारी पत्र में स्वामित्व योजना के तहत आबादी भूमि की रजिस्ट्री से पहले ग्राम पंचायत से No Dues/NOC अनिवार्य किए जाने का अनुरोध किया गया है। पत्र में मध्य प्रदेश राज्य पंचायत परिषद के प्रदेश अध्यक्ष के 7 अक्टूबर 2026 के पत्र का भी संदर्भ दिया गया है।
स्वामित्व योजना में रजिस्ट्री से पहले NOC जरूरी करने की तैयारी: ग्राम पंचायत से लेना होगा No Dues प्रमाणपत्र?

मुख्य बिंदुQuick Read
- 28 अक्टूबर का पत्र: पंचायत राज संचालनालय ने भू-संसाधन प्रबंधन आयुक्त को पत्र भेजा है।
- NOC की मांग: स्वामित्व योजना के तहत आबादी भूमि की रजिस्ट्री से पहले ग्राम पंचायत का No Dues/NOC अनिवार्य करने का अनुरोध।
रजिस्ट्री से पहले ग्राम पंचायत की NOC लेने का प्रस्ताव
पंचायत राज संचालनालय के पत्र का विषय स्वामित्व योजना के अंतर्गत आबादी भूमि की रजिस्ट्री से पहले ग्राम पंचायत से No Dues/NOC अनिवार्य किए जाने के संबंध में है। इसमें भू-संसाधन प्रबंधन आयुक्त से अनुरोध किया गया है कि रजिस्ट्री से पहले ग्राम पंचायत का अनापत्ति प्रमाण पत्र लेने के लिए नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाए।
पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि स्वामित्व योजना से संबंधित कार्य राजस्व विभाग के माध्यम से किया जा रहा है। इसी संदर्भ में पंचायत राज संचालनालय ने संबंधित विभाग से आवश्यक कदम उठाने का अनुरोध किया है।
28 अक्टूबर 2026 को जारी हुआ पत्र
यह पत्र पंचायत राज संचालनालय, मध्य प्रदेश की ओर से 28 अक्टूबर 2026 को जारी किया गया है। इसे आयुक्त, भू-संसाधन प्रबंधन, मध्य प्रदेश को संबोधित किया गया है। पत्र में संदर्भ के रूप में प्रदेश अध्यक्ष, मध्य प्रदेश राज्य पंचायत परिषद के पत्र क्रमांक 13-14, दिनांक 7 अक्टूबर 2026 का उल्लेख है।
पत्र पर आयुक्त सह-संचालक पंचायत राज संचालनालय की ओर से हस्ताक्षर किए गए हैं। इसकी प्रतिलिपि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव और राज्य पंचायत परिषद के प्रदेश अध्यक्ष को भी भेजी गई है।
क्या अब हर रजिस्ट्री के लिए NOC लेना जरूरी होगा?
इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि 28 अक्टूबर के पत्र में ग्राम पंचायत से No Dues/NOC अनिवार्य कराने के लिए अनुरोध किया गया है। यह पत्र अपने आप में ऐसा अंतिम आदेश नहीं है, जिससे यह माना जाए कि पूरे प्रदेश में नई व्यवस्था तत्काल लागू हो गई है। इसके लिए भू-संसाधन प्रबंधन या संबंधित सक्षम विभाग की ओर से नियमानुसार निर्णय अथवा औपचारिक निर्देश जारी होना जरूरी होगा।
इसलिए स्वामित्व योजना के हितग्राहियों को फिलहाल NOC की अनिवार्यता लागू होने की पुष्टि के लिए संबंधित विभाग के आगे के आदेशों पर ध्यान देना चाहिए।
स्वामित्व योजना के तहत हो रही है आबादी भूमि की रजिस्ट्री
मध्य प्रदेश में स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण आबादी क्षेत्रों में तैयार किए गए अधिकार अभिलेखों का पंजीयन किया जा रहा है। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को उनकी आवासीय संपत्ति का कानूनी दस्तावेज उपलब्ध कराना है। राज्य सरकार ने इस प्रक्रिया के तहत पात्र ग्रामीण संपत्तियों के पंजीयन का अभियान शुरू किया है।
अब पंचायत राज संचालनालय के इस पत्र के बाद आबादी भूमि की रजिस्ट्री से पहले ग्राम पंचायत के No Dues/NOC को लेकर अगला विभागीय निर्णय महत्वपूर्ण होगा। यदि इसे अनिवार्य किया जाता है तो रजिस्ट्री की प्रक्रिया में ग्राम पंचायत की भूमिका भी बढ़ सकती है।