शिकायत में शिक्षिका प्रिया द्विवेदी का नाम लेते हुए आरोप लगाया गया है कि विद्यार्थियों से परीक्षा संबंधी आवेदन, छात्रवृत्ति फॉर्म भरवाने और आंतरिक मूल्यांकन में अंक बढ़ाने के नाम पर कथित रूप से धनराशि मांगी गई। शिकायतकर्ता ने डिजिटल माध्यमों से हुए लेन-देन के कुछ साक्ष्य उपलब्ध होने का भी दावा किया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और विश्वविद्यालय प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है।
APSU Rewa: विद्यार्थियों से अवैध वसूली के आरोप, छात्रा ने ज्ञापन देकर जांच की मांग की

मुख्य बिंदुQuick Read
- APSU में विद्यार्थियों से कथित अवैध वसूली की शिकायत सामने आई।
- छात्रा श्रद्धा ने विश्वविद्यालय प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर जांच की मांग की।
APSU में विद्यार्थियों से पैसे मांगने की शिकायत
छात्रा श्रद्धा की ओर से विश्वविद्यालय प्रशासन को दिए गए ज्ञापन में विद्यार्थियों के शैक्षणिक अधिकारों, आर्थिक हितों और सुरक्षा से जुड़े मुद्दे उठाए गए हैं। शिकायत के अनुसार, विद्यार्थियों से विभिन्न प्रशासनिक और शैक्षणिक कार्यों के नाम पर कथित रूप से अनधिकृत धनराशि की मांग की गई।
ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया है कि पैसे नहीं देने पर परीक्षा परिणाम प्रभावित करने की धमकी दी गई। शिकायतकर्ता ने मामले को गंभीर बताते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन से निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।
परीक्षा और छात्रवृत्ति के काम के नाम पर वसूली का आरोप
शिकायत में कथित वसूली के कुछ अलग-अलग आधार बताए गए हैं। इनमें परीक्षा संबंधी आवेदन खुलवाने, छात्रवृत्ति से जुड़े आवेदन भरवाने और आंतरिक मूल्यांकन में अंक बढ़ाने के नाम पर विद्यार्थियों से पैसे मांगने के आरोप शामिल हैं।
यदि जांच में इन आरोपों की पुष्टि होती है, तो यह विद्यार्थियों के शैक्षणिक हितों और विश्वविद्यालय की प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़ा गंभीर मामला होगा। फिलहाल शिकायत में लगाए गए आरोप जांच के दायरे में हैं और इन्हें प्रमाणित तथ्य नहीं माना जा सकता।
शिकायत में शिक्षिका प्रिया द्विवेदी का नाम
ज्ञापन में शिक्षिका प्रिया द्विवेदी के विरुद्ध विद्यार्थियों से कथित रूप से धनराशि मांगने और परीक्षा परिणाम प्रभावित करने की धमकी देने की शिकायत की गई है। शिकायतकर्ता ने विश्वविद्यालय प्रशासन से संबंधित आरोपों की जांच कराने का आग्रह किया है।
इस मामले में संबंधित शिक्षिका का पक्ष और विश्वविद्यालय प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं हो सकी है। आरोपों की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए संबंधित पक्ष का जवाब भी सामने आना जरूरी है। जांच पूरी होने से पहले किसी व्यक्ति को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा।
डिजिटल भुगतान के साक्ष्य जांचने की मांग
शिकायतकर्ता ने दावा किया है कि कथित लेन-देन से जुड़े कुछ डिजिटल साक्ष्य उपलब्ध हैं। ज्ञापन में मांग की गई है कि संबंधित भुगतान का विवरण, बैंकिंग रिकॉर्ड और अन्य उपलब्ध दस्तावेजों की जांच की जाए।
शिकायत में कहा गया है कि डिजिटल भुगतान के रिकॉर्ड की जांच से यह स्पष्ट करने में मदद मिल सकती है कि धनराशि किस उद्देश्य से और किन परिस्थितियों में ली गई थी। हालांकि, केवल भुगतान का रिकॉर्ड अपने आप किसी अवैध वसूली को साबित नहीं करता। इसके लिए लेन-देन का संदर्भ और अन्य साक्ष्यों की भी जांच जरूरी होगी।
विश्वविद्यालय प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग
छात्रा श्रद्धा ने विश्वविद्यालय प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और शिकायत में सामने आए तथ्यों की पुष्टि करने की मांग की है। इसके साथ ही संबंधित बैंकिंग रिकॉर्ड, डिजिटल भुगतान और विद्यार्थियों के बयान की जांच करने का आग्रह किया गया है।
अब इस मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। प्रशासन शिकायत पर जांच शुरू करता है या नहीं, संबंधित पक्षों से जवाब लेता है या नहीं और जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं, इससे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
विद्यार्थियों के हितों से जुड़ा है मामला
विश्वविद्यालय में परीक्षा, छात्रवृत्ति और आंतरिक मूल्यांकन जैसी प्रक्रियाएं विद्यार्थियों के शैक्षणिक भविष्य से सीधे जुड़ी होती हैं। इन प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना जरूरी है।
फिलहाल APSU में कथित वसूली की शिकायत पर जांच और आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
