नई दिल्ली / बिजनेसव्यापार

ट्रेंडिंग धनतेरस-दिवाली के पहले बदला गोल्ड खरीदने का ट्रेंड: अब फिजिकल सोना में भारतीयों की रूचि घटी, छोटे सिक्कों और डिजिटल गोल्ड की बढ़ी मांग

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धनतेरस पर खरीदारी के लिए रखे सोने के सिक्के और गोल्ड बार।
धनतेरस 2026 से पहले छोटे वजन के सोने के सिक्कों और डिजिटल गोल्ड में ग्राहकों की दिलचस्पी बढ़ रही है।

मुख्य बिंदुQuick Read

  • 6 नवंबर को धनतेरस और 8 नवंबर 2026 को दिवाली मनाई जाएगी।
  • बड़े ज्वेलर्स एडवांस में भारी स्टॉक जमा करने से बच रहे हैं।
  • 1, 2 और 5 ग्राम के सोने-चांदी के सिक्कों की ओर ग्राहकों का रुझान।
  • पुराने सोने के एक्सचेंज और डिजिटल गोल्ड में भी बढ़ रही दिलचस्पी।

नई दिल्ली। धनतेरस और दिवाली के मौके पर सोना-चांदी खरीदना भारतीय परिवारों की पुरानी परंपरा रही है। इस बार भी बाजार में त्योहारों की तैयारी शुरू हो चुकी है, लेकिन महंगी कीमती धातुओं और कीमतों में उतार-चढ़ाव ने खरीदारी का तरीका बदल दिया है। ग्राहक अब बड़ी ज्वेलरी खरीदने के बजाय छोटे वजन के सोने-चांदी के सिक्के, बार और दूसरे किफायती विकल्पों पर ध्यान दे रहे हैं।

इस साल 6 नवंबर, शुक्रवार को धनतेरस और 8 नवंबर, रविवार को दिवाली मनाई जाएगी। त्योहारों से पहले बड़े ज्वेलरी ब्रांड भी सोने की खरीदारी को लेकर सतर्क नजर आ रहे हैं। वे पहले की तरह बड़ी मात्रा में स्टॉक जमा करने के बजाय वास्तविक बिक्री और ग्राहकों की मांग के हिसाब से खरीदारी कर रहे हैं।

बड़े ज्वेलर्स जरूरत के हिसाब से खरीद रहे सोना

MMTC-PAMP के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO समित गुहा के मुताबिक, बड़े ज्वेलरी ब्रांड फिलहाल अपनी वर्किंग कैपिटल और स्टॉक मैनेजमेंट पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। वे बाजार में ग्राहकों की वास्तविक मांग और रिटेल बिक्री की रफ्तार देखकर ही नया स्टॉक खरीदने का फैसला कर रहे हैं।

ज्वेलर्स फिलहाल जरूरत से ज्यादा सोना खरीदकर रखने से बच रहे हैं। इसकी एक वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमती धातुओं की कीमतों में उतार-चढ़ाव भी है। बड़े ज्वेलर्स अपनी मौजूदा इन्वेंट्री, अनुमानित बिक्री और आगे की जरूरतों का आकलन करने के बाद खरीदारी कर रहे हैं।

समित गुहा के अनुसार, बाजार में खरीदारी की गतिविधियों में धीरे-धीरे सुधार दिखाई दे रहा है। हालांकि, बड़े ज्वेलरी ब्रांड की खरीदारी आगे कितनी बढ़ेगी, यह त्योहारों के दौरान होने वाली वास्तविक बिक्री पर निर्भर करेगा।

1, 2 और 5 ग्राम के सोने के सिक्कों की मांग

सोने की ऊंची कीमतों के कारण आम खरीदार भी अपने बजट के हिसाब से खरीदारी कर रहे हैं। पहले जहां धनतेरस पर बड़ी ज्वेलरी खरीदने का चलन ज्यादा दिखाई देता था, वहीं अब छोटे वजन के सिक्के और गोल्ड बार भी पसंद किए जा रहे हैं।

1 ग्राम, 2 ग्राम और 5 ग्राम के सोने के सिक्के कम बजट में खरीदारी करने वाले लोगों के लिए विकल्प बन रहे हैं। इसी तरह चांदी के छोटे सिक्कों और बार में भी दिलचस्पी दिखाई दे रही है। इन्हें त्योहारों पर उपहार और शगुन के रूप में खरीदा जा सकता है।

MMTC-PAMP के मुताबिक, कंपनी के बाजार अनुभव में इस समय छोटे वजन के सोने के सिक्कों और बार की ओर ग्राहकों का रुझान ज्यादा दिखाई दे रहा है। इससे खरीदार एक साथ बड़ी रकम खर्च किए बिना भी सोने-चांदी की खरीदारी कर सकते हैं।

पुराने सोने के बदले नई ज्वेलरी खरीद रहे ग्राहक

महंगे सोने के बीच पुरानी ज्वेलरी को एक्सचेंज करके नए डिजाइन के आभूषण खरीदने का विकल्प भी ग्राहकों के लिए महत्वपूर्ण हो गया है। इसमें ग्राहक अपनी पुरानी ज्वेलरी देकर उसके मूल्य के हिसाब से नई ज्वेलरी खरीद सकते हैं।

इस तरीके से ग्राहकों को नई ज्वेलरी खरीदने के लिए पूरी रकम नकद खर्च नहीं करनी पड़ती। पुराने सोने की कीमत को नई खरीदारी में समायोजित किया जा सकता है। हालांकि, एक्सचेंज के दौरान सोने की शुद्धता, वजन और ज्वेलर की कटौती संबंधी शर्तों को समझना जरूरी है।

समित गुहा के अनुसार, सोने की एक्सचेंज और रीसाइक्लिंग की सुविधा ग्राहकों को अपनी खरीदारी की जरूरत पूरी करने के अतिरिक्त विकल्प देती है। दिवाली के बाद शादी का सीजन शुरू होने से सोने और चांदी की मांग को भी सहारा मिलने की उम्मीद है।

हॉलमार्क और शुद्धता को लेकर सतर्क हुए ग्राहक

सोने की कीमत बढ़ने के साथ ग्राहक उसकी शुद्धता और वजन को लेकर भी ज्यादा सावधानी बरत रहे हैं। खरीदारी करते समय लोग हॉलमार्क, प्रमाणित वजन और उत्पाद की विश्वसनीयता पर ध्यान दे रहे हैं।

MMTC-PAMP के मुताबिक, फिजिकल गोल्ड और सिल्वर खरीदने वाले ग्राहकों के लिए शुद्धता और प्रमाणित वजन का भरोसा महत्वपूर्ण बना हुआ है। ऐसे में विश्वसनीय ज्वेलर्स और प्रमाणित रिफाइनरी के उत्पादों की अहमियत बढ़ रही है।

युवाओं में डिजिटल गोल्ड का बढ़ता आकर्षण

इस दिवाली सोने में निवेश का एक और विकल्प चर्चा में है। युवा खरीदारों के बीच डिजिटल गोल्ड में दिलचस्पी बढ़ रही है। इसके जरिए लोग छोटी रकम से सोने में निवेश कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें शुरुआत में सोने के सिक्के या ज्वेलरी खरीदने की जरूरत नहीं होती।

समित गुहा के मुताबिक, युवा निवेशकों के बीच निवेश के पारंपरिक तरीकों के अलावा डिजिटल गोल्ड जैसे विकल्पों की प्रासंगिकता बढ़ रही है। छोटी रकम से खरीदारी की सुविधा इसकी एक प्रमुख वजह है।

हालांकि, डिजिटल गोल्ड खरीदने से पहले संबंधित प्लेटफॉर्म की शर्तें, स्टोरेज व्यवस्था, शुल्क और निकासी के नियम समझना जरूरी है। डिजिटल गोल्ड और फिजिकल गोल्ड की खरीदारी की प्रक्रिया अलग होती है।

धनतेरस और दिवाली पर कैसी रह सकती है सोने की मांग?

त्योहारी सीजन के साथ आने वाले शादी-विवाह के मौसम को देखते हुए सोने और चांदी की मांग को लेकर बाजार में उम्मीद बनी हुई है। हालांकि, ऊंची कीमतों के कारण ग्राहक सोच-समझकर खर्च कर रहे हैं। छोटे सिक्कों, बार, एक्सचेंज और किस्तों में खरीदारी जैसे विकल्पों की ओर रुझान इसी बदलाव को दिखाता है।

MMTC-PAMP का मानना है कि सोने और चांदी की सांस्कृतिक अहमियत और लंबी अवधि की बचत में इनकी भूमिका के कारण त्योहारों और शादी के मौसम में मांग बनी रह सकती है। वहीं, ज्वेलर्स की आगे की खरीदारी इस बात पर निर्भर करेगी कि धनतेरस और दिवाली के दौरान दुकानों पर कितनी बिक्री होती है।

इस बार का त्योहारी सीजन केवल ज्वेलरी की खरीदारी तक सीमित नहीं दिखाई दे रहा है। छोटे सिक्के, सिल्वर बार, पुरानी ज्वेलरी का एक्सचेंज और डिजिटल गोल्ड जैसे विकल्प ग्राहकों की खरीदारी की रणनीति में जगह बना रहे हैं।

संपादकीय लेखक एवं रिपोर्टर
सत्यापित रिपोर्टर
रीवा रियासत न्यूज़ डेस्क
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रीवा रियासत की केंद्रीय संपादकीय टीम द्वारा सत्यापित, निष्पक्ष और तथ्य-जांच आधारित ताज़ा समाचार व लाइव अपडेट्स।

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