मध्य पूर्व में हालात तेजी से बिगड़ते जा रहे हैं। अमेरिकी नौसेना ने ईरान के 10 सैन्य ठिकानों पर हमला किया है। जवाब में ईरान ने बहरीन और कुवैत में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डों पर मिसाइल और ड्रोन दाग दिए। इसी बीच होर्मुज स्ट्रेट में एक और तेल टैंकर पर हमला हुआ। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सीधी चेतावनी दी है कि अगर ईरान नहीं रुका तो उसका अस्तित्व नहीं बचेगा।
अमेरिका ने ईरान के 10 सैन्य ठिकाने तबाह किए
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोशल मीडिया पर बताया कि उसकी नौसेना ने होर्मुज स्ट्रेट के पास ईरान के 10 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। यह कार्रवाई 'एम/टी किकु' नाम के तेल टैंकर पर ईरानी ड्रोन हमले के जवाब में की गई।
शुक्रवार को अमेरिका ने करीब एक घंटे तक ईरान के मिसाइल और ड्रोन ठिकानों के साथ-साथ तटीय रडार साइट्स पर भी हवाई हमले किए। राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा कि ईरान ने युद्धविराम तोड़ा था, इसीलिए यह कार्रवाई जरूरी हो गई थी।
ईरान का जवाबी हमला — बहरीन और कुवैत निशाने पर
अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान की रेवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने दावा किया कि उसने बहरीन और कुवैत में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर कई मिसाइल और ड्रोन दागे। एक अमेरिकी अधिकारी ने रॉयटर्स को बताया कि ईरान ने पड़ोसी देशों की ओर कई मिसाइलें और ड्रोन फायर किए हैं।
हालांकि, राहत की बात यह रही कि फिलहाल किसी अमेरिकी सैनिक के हताहत होने की खबर नहीं है। साथ ही मिडिल ईस्ट में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को किसी बड़े नुकसान की सूचना भी नहीं मिली है।
होर्मुज में एक और तेल टैंकर पर हमला
ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी UKMTO के मुताबिक, होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे एक तेल टैंकर को फिर निशाना बनाया गया। जहाज के कंट्रोल रूम को नुकसान पहुंचा है, लेकिन सभी चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं। किसी तेल रिसाव की खबर नहीं है और जहाज आगे बढ़ रहा है।
रॉयटर्स ने भी पुष्टि की है कि होर्मुज से गुजरते वक्त तेल टैंकर को नुकसान पहुंचा। अमेरिका ने इस हमले के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया है। होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक है और यहां किसी भी हलचल का असर वैश्विक तेल कीमतों पर पड़ता है।
ट्रम्प की सबसे कड़ी चेतावनी — ईरान का नामोनिशान मिटा देंगे
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बेहद सख्त लहजे में कहा — "लगता है ईरान कभी नहीं सुधरेगा, लेकिन हम और संयम नहीं बरत पाएंगे।" उन्होंने चेताया कि एक वक्त ऐसा भी आ सकता है जब अमेरिका उस सैन्य अभियान को पूरा करने पर मजबूर होगा जो उसने बहुत सफलतापूर्वक शुरू किया था।
ट्रम्प ने साफ कहा — "अगर ऐसा हुआ तो ईरान का अस्तित्व ही नहीं बचेगा।" यह अब तक की उनकी सबसे कड़ी चेतावनी मानी जा रही है। दुनियाभर के नेता इस बयान को बेहद गंभीरता से ले रहे हैं।
खामेनेई के अंतिम संस्कार की तैयारी — हेलिकॉप्टर से ले जाया जाएगा पार्थिव शरीर
इन सबके बीच ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के अंतिम संस्कार की तैयारियां भी जारी हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, भारी भीड़ और सुरक्षा को देखते हुए उनके पार्थिव शरीर को सड़क के बजाय हेलिकॉप्टर या सैन्य विमान से ले जाने पर विचार किया जा रहा है।
आगे क्या — मध्य पूर्व में तनाव का अगला कदम
अमेरिका और ईरान दोनों की ओर से लगातार जवाबी हमले जारी हैं। होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ते खतरे से वैश्विक तेल आपूर्ति पर असर पड़ने की आशंका है। दुनिया की नजरें अब इस पर हैं कि क्या कोई तटस्थ देश या संयुक्त राष्ट्र इस संघर्ष को थामने की कोशिश करेगा, या यह और बड़े युद्ध की शक्ल ले लेगा।







