रीवा में अवैध कॉलोनियों पर कलेक्टर सख्त: कोष्टा-भुंडहा में FIR के आदेश, प्लॉट की रजिस्ट्री पर रोक

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Rewa: रीवा में अवैध कॉलोनियों पर कलेक्टर सख्त: कोष्टा-भुंडहा में FIR के आदेश, प्लॉट की रजिस्ट्री पर रोक
रीवा में अवैध कॉलोनियों पर कलेक्टर सख्त: कोष्टा-भुंडहा में FIR के आदेश, प्लॉट की रजिस्ट्री पर रोक

मुख्य बिंदुQuick Read

  • दो क्षेत्र: ग्राम कोष्टा और भुंडहा में अवैध कॉलोनियों के मामले।
  • कार्रवाई: कलेक्टर ने संबंधित भूमि स्वामियों के खिलाफ FIR दर्ज कराने के निर्देश दिए।
रीवा जिले में अवैध कॉलोनियां विकसित करने के मामलों में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने ग्राम कोष्टा और भुंडहा में कृषि भूमि पर बिना जरूरी अनुमति आवासीय प्लॉट काटकर बेचने के मामलों में कार्रवाई के आदेश दिए हैं। आदेश के अनुसार, संबंधित भूमि स्वामियों के खिलाफ FIR दर्ज कराने और राजस्व रिकॉर्ड में अवैध कॉलोनी का उल्लेख करने सहित कई कदम उठाए जाएंगे।

प्रशासन के मुताबिक, संबंधित जमीनों पर छोटे-छोटे आवासीय प्लॉट बनाकर बेचे गए। इन प्लॉटों पर खरीदारों ने मकान भी बना लिए हैं। आदेश में पानी, बिजली, सड़क और जल निकासी जैसी मूलभूत सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने का भी उल्लेख किया गया है।

कोष्टा और भुंडहा की अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई

कलेक्टर के अलग-अलग आदेशों में पटवारी हल्का कोष्टा के ग्राम भुंडहा में खसरा नंबर 381/1/1, 382, 383/1, 383/2 और 384 की जमीन का उल्लेख किया गया है। इन जमीनों पर अवैध कॉलोनी विकसित करने के मामले में अशोक कुमार सिन्हा, अनिल कुमार सिन्हा और रूपेश कुमार सिन्हा के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। आदेश में इनका निवास पाड़ेन टोला बताया गया है।

इसी तरह ग्राम कोष्टा में भी 14 भूमि स्वामियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन के आदेश में संबंधित भूमि पर बिना आवश्यक अनुमति आवासीय प्लॉट काटकर बेचने का आरोप दर्ज है।

कृषि भूमि पर प्लॉट काटकर बेचने का आरोप

कलेक्टर के आदेश के अनुसार, संबंधित भूमि का जरूरी डायवर्सन कराए बिना कृषि जमीन पर छोटे-छोटे आवासीय प्लॉट तैयार करके बेचे गए। आदेश में यह भी कहा गया है कि कॉलोनी विकसित करने के लिए कॉलोनाइजर एक्ट के तहत जरूरी अनुमति नहीं ली गई।

आदेश में पानी, बिजली, सड़क और जल निकासी जैसी मूलभूत सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने तथा आश्रय शुल्क से शासन को राजस्व नुकसान होने का उल्लेख किया गया है। कॉलोनियों में रहने वाले लोगों की ओर से सुविधाओं की मांग किए जाने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने की बात भी कही गई है।

SDM को FIR दर्ज कराने के निर्देश

कलेक्टर ने SDM रायपुर कर्चुलियान को संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ FIR दर्ज कराने और नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। आदेश में मध्य प्रदेश भू-राजस्व संहिता, 1959 की धारा 59 के उल्लंघन पर भी कार्रवाई करने को कहा गया है।

ग्राम पंचायत कोष्टा के सरपंच और सचिव को निर्देश दिए गए हैं कि संबंधित अवैध कॉलोनियों में किसी भी प्रकार के निर्माण की अनुमति जारी न करें। यदि कोई व्यक्ति बिना अनुमति निर्माण करता है, तो उसके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाए।

राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज होगी अवैध कॉलोनी

तहसीलदार रायपुर कर्चुलियान को संबंधित जमीनों के खसरा रिकॉर्ड के कॉलम नंबर 12 में अवैध कॉलोनी दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश में इन जमीनों के पंजीकृत विक्रय पत्र के आधार पर नामांतरण की कार्रवाई नहीं करने को भी कहा गया है।

प्रशासन ने संबंधित कॉलोनियों में प्लॉट की खरीद-बिक्री से जुड़े दस्तावेजों के पंजीयन पर रोक लगाने के लिए जिला पंजीयक को निर्देश दिए हैं। साथ ही अधीक्षण यंत्री विद्युत मंडल को इन अवैध कॉलोनियों में नए बिजली कनेक्शन जारी नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं।

मूलभूत सुविधाओं के लिए भूमि कुर्क करने के निर्देश

आदेश में अवैध कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए संबंधित भूमि स्वामियों की अन्य स्थानों पर स्थित जमीन और कॉलोनी में बची अविक्रित भूमि को कुर्क करने की कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसके साथ ही आश्रय शुल्क की वसूली के लिए नियमानुसार कदम उठाने को कहा गया है।

प्रशासन की कार्रवाई का उद्देश्य अवैध कॉलोनी निर्माण पर रोक लगाना, नियमों का पालन सुनिश्चित करना और प्रभावित निवासियों की मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं पर कार्रवाई करना है। संबंधित आदेशों के पालन और आगे की कार्रवाई की स्थिति प्रशासनिक प्रक्रिया के अनुसार स्पष्ट होगी।

संपादकीय लेखक एवं रिपोर्टर
संपादकीय मंडल (Board)
शशांक द्विवेदी
सह-संस्थापक एवं वरिष्ठ संपादक • रीवा रियासत

द सिटी एक्सप्रेस के सह-संस्थापक एवं वरिष्ठ संपादक। नीतिगत विश्लेषण, समसामयिक विषयों पर गहन दृष्टिकोण और क्षेत्रीय समाचार समन्वय। डिजिटल मीडिया आचार संहिता व शिकायत निवारण (Grievance Redressal) के प्रभारी।

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