पश्चिम बंगाल के कोलकाता में शनिवार शाम चोरबागान सर्वजनिन दुर्गा पंडाल में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने 17 लोगों की मौत और 25 लोगों के घायल होने की पुष्टि की। कुछ मीडिया रिपोर्टों में मृतकों की संख्या 18 बताई गई, जबकि अस्पताल सूत्रों के हवाले से 20 मौतों का दावा भी सामने आया। अलग-अलग आंकड़ों के बीच अंतिम आधिकारिक संख्या स्पष्ट होने का इंतजार है।
बारिश के बीच बढ़ी भीड़
कोलकाता पुलिस के मुताबिक, घटना शाम करीब 7:40 बजे गिरिश पार्क थाना क्षेत्र के पंडाल के निकास द्वार के पास हुई। उस समय बारिश हो रही थी और पंडाल में दर्शकों की भीड़ थी। शुरुआती जानकारी के अनुसार, बारिश से बचने के लिए लोग अंदर जाने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान धक्का-मुक्की और भगदड़ जैसी स्थिति बनी। घटना के सही क्रम और कारणों की जांच की जा रही है।
पंडाल और आसपास के क्षेत्र में आवाजाही रोकी
हादसे के बाद पंडाल में दर्शकों की एंट्री बंद कर दी गई और लाइटें बुझा दी गईं। घायलों को कोलकाता मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया। राज्य सरकार ने प्रभावित लोगों की जानकारी और सहायता के लिए टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 18003455678 जारी किया है।
चोरबागान पूजा का 91वां आयोजन
चोरबागान सर्वजनिन दुर्गोत्सव समिति की शुरुआत 1935 में हुई थी। 2026 में इसका 91वां आयोजन था। इस साल पंडाल की थीम ‘अरोब’ यानी ‘बियॉन्ड साउंड’ रखी गई थी।
आयोजन समिति से जुड़े राजनीतिक पदाधिकारी
आनंदबाजार पत्रिका की रिपोर्ट के मुताबिक, देवदीप अधिकारी पूजा आयोजन से जुड़े हैं और वे मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के भतीजे हैं। रिपोर्ट में जोड़ासांको के भाजपा विधायक विजय ओझा को समिति का अध्यक्ष और उत्तर कोलकाता जिला भाजपा अध्यक्ष तमोघ्न घोष को आयोजन से जुड़ा बताया गया है। इन संबंधों का उल्लेख आयोजन समिति की पृष्ठभूमि के तौर पर है; इससे हादसे की जिम्मेदारी तय नहीं होती।
जांच के आदेश
मुख्यमंत्री ने घटना की जांच और तथ्य-जांच टीम बनाने की बात कही है। पुलिस ने आयोजकों और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े लोगों से पूछताछ शुरू की है। जांच में भीड़ प्रबंधन, प्रवेश-निकास व्यवस्था और मौके पर तैनात सुरक्षा इंतजामों की पड़ताल की जाएगी।
