Rewa Lok Sabha Candidate: रीवा में जनार्दन मिश्रा बनाम नीलम अभय मिश्रा, कांग्रेस ने महिला प्रत्याशी पर जताया भरोसा

Lok Sabha Candidate Rewa Congress Neelam Mishra: विंध्य के सबसे अहम संसदीय क्षेत्र रीवा से भाजपा पहले ही प्रत्याशी उतार चुकी है। शनिवार 23 मार्च को कांग्रेस ने भी अपने प्रत्याशी के नाम का ऐलान कर दिया है।;

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Update: 2024-03-23 19:31 GMT
Rewa Lok Sabha Candidate: रीवा में जनार्दन मिश्रा बनाम नीलम अभय मिश्रा, कांग्रेस ने महिला प्रत्याशी पर जताया भरोसा
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Lok Sabha Candidate Rewa Congress Neelam Mishra: विंध्य के सबसे अहम संसदीय क्षेत्र रीवा में इस बार फिर भाजपा-कांग्रेस के बीच आमने सामने का मुक़ाबला है। शनिवार 23 मार्च को कांग्रेस ने 12 सीटों के प्रत्याशियों की चौथी लिस्ट जारी की है। रीवा सीट से नीलम अभय मिश्रा को मौका दिया गया है। नीलम मिश्रा रीवा जिले की सेमरिया विधानसभा सीट से 2013 में भाजपा के सेंबल से विधायक रह चुकी हैं। नीलम सेमरिया कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा की पत्नी हैं। 

कांग्रेस ने अब तक 29 में से 22 प्रत्याशियों के नामों का ऐलान कर दिया है। 22 में से सिर्फ एक रीवा लोकसभा सीट से महिला प्रत्याशी को टिकट दी है। कांग्रेस ने कुछ दिन पहले सतना व सीधी के प्रत्याशी तो उतार दिये लेकिन रीवा संसदीय क्षेत्र को होल्ड पर रख दिया गया था। कांग्रेस ने जिस तरह से प्रत्याशी चयन किया था, उससे पहले ही कयास लग रहे थे कि इस बार रीवा संसदीय क्षेत्र से वह महिला प्रत्याशी उतार सकती है। हालांकि सूत्र यह भी बताते हैं कि यहां से कांग्रेस को कोई प्रत्याशी मिल भी नहीं रहा था, जिन भी नामों पर विचार होते थे वे चुनाव से इंकार कर रहे थे। लिहाजा कांग्रेस के पास रीवा से सिंगल ही नाम था, वह भी नीलम अभय मिश्रा का। 

कांग्रेस का मानना है कि रीवा लोकसभा क्षेत्र से महिला कैंडिडेट ही भाजपा के जनार्दन को टक्कर दे सकेगी। नीलम को रीवा लोकसभा सीट से प्रत्याशी बनाया। हालांकि रीवा से कविता पांडे को भी प्रत्याशी बनाया जा सकता था, लेकिन पार्टी ने सिर्फ नीलम पर ही भरोसा जताया है।

कांग्रेस के लिए विधायिकी का अनुभव होने के साथ नीलम के साथ सबसे सकारात्मक बात है अभय मिश्रा की पत्नी होना। अभय ने राजनीति का सफर भारतीय जनता पार्टी के साथ शुरू किया था और अब कांग्रेस के खेमे के चमकते सितारे हैं। अभय रीवा के एकमात्र ऐसे विधायक हैं, जो कांग्रेस से जीतकर विधानसभा पहुंचे हैं। बाकी 8 में से 7 सीटों पर भाजपा के एमएलए निर्वाचित हुए हैं। अपनी रणनीति से राजनीति करने वाले अभय मंझे हुए खिलाड़ी हैं। कांग्रेस लोकसभा चुनाव में अभय की इस काबिलियत को भुनाना चाह रही है। 

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