MP में फिर महंगी हुई बिजली: स्मार्ट मीटर वालों को मिलेगी छूट, जानें नई दरें और किसे मिलेगी राहत
मध्य प्रदेश में बिजली की दरें 1 अप्रैल से 3.46% बढ़ जाएंगी। विद्युत नियामक आयोग ने नई दरें जारी कर दी हैं। स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को दिन में बिजली इस्तेमाल करने पर 20% की छूट मिलेगी, जबकि किसानों को सब्सिडी जारी रहेगी। जानें नई दरों की पूरी जानकारी।;

मध्य प्रदेश में बिजली की दरें बढ़ीं, अप्रैल से लागू होंगी नई दरें: मध्य प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक जरूरी खबर है। प्रदेश में बिजली की दरों में 3.46% की वृद्धि की गई है, जो कि आगामी अप्रैल महीने से लागू हो जाएगी। मध्य प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने शनिवार रात को नया टैरिफ जारी कर दिया है, जिसके अनुसार अब उपभोक्ताओं को बिजली के लिए अधिक भुगतान करना होगा।
स्मार्ट मीटर वालों के लिए खुशखबरी: दिन में मिलेगी 20% छूट
नई दरों में स्मार्ट मीटर वाले घरेलू उपभोक्ताओं को थोड़ी राहत मिलेगी। 'टाइम ऑफ डे' (TOD) टैरिफ के तहत, सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक बिजली की खपत पर 20% की छूट प्रदान की जाएगी। हालांकि, शाम 5 बजकर 1 मिनट से सुबह 8 बजकर 59 मिनट तक सामान्य टैरिफ लागू रहेगा और इस दौरान की खपत पर पूरा बिल देना होगा। स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ताओं का बिल दो हिस्सों में आएगा, जिसमें दिन और रात की खपत अलग-अलग दर्शाई जाएगी।
बड़े घरेलू उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त भार
वहीं, 10 किलोवॉट से अधिक भार वाले घरेलू उपभोक्ताओं को सुबह 6 बजे से 9 बजे तक और शाम 5 बजे से रात 10 बजे तक सामान्य टैरिफ की तुलना में 10% अधिक बिल भरना होगा। इन उपभोक्ताओं का बिल तीन हिस्सों में आएगा, जिसमें सामान्य, अधिक दर और कम दर का विवरण होगा।
मध्यमवर्गीय उपभोक्ताओं को राहत, स्लैब बरकरार
पावर मैनेजमेंट कंपनियों ने पहले 151 यूनिट से अधिक खपत करने वाले उपभोक्ताओं से फ्लैट रेट वसूलने का प्रस्ताव दिया था, जिससे मध्यमवर्गीय उपभोक्ताओं पर काफी बोझ पड़ता। हालांकि, विद्युत नियामक आयोग ने इस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है, जिससे लाखों मध्यमवर्गीय उपभोक्ताओं को राहत मिली है और मौजूदा स्लैब प्रणाली बरकरार रहेगी।
चार्जिंग स्टेशन पर भी बढ़ी दरें
ई-वाहनों के चार्जिंग स्टेशनों पर भी बिजली की दरों में वृद्धि की गई है। पहले चार्जिंग स्टेशनों पर 6.90 रुपये प्रति यूनिट की दर थी, जिसे अब 20 पैसे प्रति यूनिट बढ़ाकर 7.10 रुपये प्रति यूनिट कर दिया गया है। इसी तरह, वाणिज्यिक उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं के लिए भी 20 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है।
किसानों को 93% तक सब्सिडी जारी रहेगी
नए टैरिफ में जहां अधिकतर उपभोक्ताओं पर 20 पैसे प्रति यूनिट का अतिरिक्त भार पड़ेगा, वहीं प्रदेश के 37 लाख किसानों को सरकार से राहत मिलती रहेगी। कृषि पंपों से 300 यूनिट तक खपत पर 18 पैसे प्रति यूनिट और 300 से 750 यूनिट या उससे अधिक खपत पर भी 18 पैसे प्रति यूनिट अधिक देना होगा। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न तोमर ने स्पष्ट किया है कि किसानों को 750 रुपये प्रति हॉर्स पावर देने वाली राशि और नियामक आयोग की दरों का अंतर सरकार द्वारा सब्सिडी के रूप में दिया जाएगा। शासन 3 हॉर्स पावर पंप के लिए 28,480 रुपये, 5 हॉर्स पावर पर 50,921 रुपये और 10 हॉर्स पावर पंप पर 1,08,155 रुपये की सब्सिडी देगा। इस प्रकार, किसान बढ़ी हुई दरों का केवल 7% हिस्सा ही देंगे, जबकि शेष 93% राशि सरकार द्वारा सब्सिडी के रूप में वहन की जाएगी।
हर महीने ₹450 तक की बचत
प्रदेश के 1.27 करोड़ घरेलू उपभोक्ताओं में से 1 करोड़ उपभोक्ताओं को 150 यूनिट तक की खपत पर सब्सिडी मिलती है, जिससे उन्हें हर महीने 450 रुपये से ज्यादा की बचत होती है। वहीं, लगभग 25 लाख उपभोक्ताओं की मासिक खपत 151 से 300 यूनिट के बीच है और स्लैब बरकरार रहने से इन उपभोक्ताओं पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा।