सीधी / मध्य प्रदेश: सीधी में रीवा लोकायुक्त पुलिस ने जनजातीय कार्य विभाग के प्रभारी मंडल संयोजक संजय सिंह को 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उन्होंने एक व्यक्ति के लंबित वेतन का भुगतान कराने के बदले रिश्वत की मांग की थी। मामले में अधीक्षिका सुनीता पांडेय की भूमिका भी जांच के दायरे में बताई गई है।
लंबित वेतन के भुगतान के बदले मांगी थी रिश्वत
मामले में शिकायतकर्ता अशोक कुमार चौधरी जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत दैनिक वेतनभोगी रसोइये के रूप में काम करते थे। खबर में दी गई जानकारी के अनुसार, वर्ष 2006 में उन्हें काम से बाहर कर दिया गया था। इसके बाद उनके वेतन भुगतान का मामला लंबित था।
लंबित वेतन का भुगतान कराने के लिए 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगे जाने का आरोप लगाया गया था। शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त पुलिस ने मामले का सत्यापन किया।
शिकायत के सत्यापन के बाद लोकायुक्त की कार्रवाई
शिकायत का सत्यापन किए जाने के बाद लोकायुक्त पुलिस की टीम ने कार्रवाई करते हुए प्रभारी मंडल संयोजक संजय सिंह को 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। मामले में रिश्वत की मांग और गिरफ्तारी से जुड़े आरोपों की जांच की जा रही है।
अधीक्षिका की भूमिका भी जांच के दायरे में
इस मामले में अधीक्षिका सुनीता पांडेय की भूमिका की भी जांच किए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, उनकी भूमिका से संबंधित विस्तृत आरोप, जांच की स्थिति और किसी आधिकारिक निष्कर्ष की जानकारी उपलब्ध विवरण में स्पष्ट नहीं है।
रिश्वत के आरोप में गिरफ्तारी के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे। उपलब्ध जानकारी में संबंधित विभाग या अधिकारियों की ओर से किसी अलग बयान का उल्लेख नहीं है।
