रीवा के श्याम शाह मेडिकल कॉलेज में बच्चों को कैंसर और गंभीर रक्त संबंधी बीमारियों के उपचार के लिए विशेष चिकित्सा सुविधाएं मिल रही हैं। मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग में जुलाई 2024 से संचालित विशेष उपचार केंद्र में अब तक 250 से अधिक बच्चों का उपचार किया जा चुका है। केंद्र में बाल कैंसर के साथ सिकल सेल एनीमिया, हीमोफीलिया और थैलेसीमिया जैसी बीमारियों के प्रबंधन पर भी काम किया जा रहा है।
77 बच्चों में कैंसर की पहचान
विशेष उपचार केंद्र में अब तक 77 बच्चों में कैंसर की पहचान किए जाने की जानकारी दी गई है। इनमें विभिन्न प्रकार के कैंसर से पीड़ित बच्चे शामिल हैं। समय पर बीमारी की पहचान, उपचार शुरू करना और नियमित चिकित्सकीय निगरानी बच्चों के इलाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
केंद्र में बच्चों की बीमारी के अनुसार उपचार की योजना बनाई जाती है। जरूरत के मुताबिक जांच और उपचार के अगले चरण तय किए जाते हैं, ताकि मरीजों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा सके।
रक्त संबंधी बीमारियों का भी उपचार
बाल कैंसर के अलावा केंद्र में सिकल सेल एनीमिया, हीमोफीलिया और थैलेसीमिया जैसी रक्त संबंधी बीमारियों से पीड़ित बच्चों के प्रबंधन की सुविधा भी उपलब्ध है। इन बीमारियों में नियमित जांच, चिकित्सकीय सलाह और जरूरत के अनुसार उपचार महत्वपूर्ण होता है।
ऐसे बच्चों को लंबे समय तक देखभाल की आवश्यकता हो सकती है। नियमित चिकित्सकीय निगरानी से बीमारी की स्थिति समझने और समय पर उपचार संबंधी निर्णय लेने में मदद मिलती है।
कीमोथेरेपी और जांच की सुविधा
केंद्र में बच्चों की जरूरत के अनुसार कीमोथेरेपी, रक्त एवं प्लेटलेट ट्रांसफ्यूजन और अन्य चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध होने की जानकारी दी गई है। उपचार के दौरान बच्चों की स्थिति की निगरानी और आवश्यक जांच भी की जाती है।
कैंसर के उपचार में बीमारी के प्रकार और अवस्था के अनुसार अलग-अलग चिकित्सा पद्धतियों की जरूरत हो सकती है। इसलिए प्रत्येक बच्चे के लिए उपचार का निर्णय संबंधित चिकित्सकीय टीम की सलाह के आधार पर किया जाता है।
रीवा और आसपास के परिवारों को मिल सकती है मदद
विशेष उपचार केंद्र की उपलब्धता से रीवा और आसपास के क्षेत्रों के उन परिवारों को मदद मिल सकती है, जिन्हें बच्चों के कैंसर या रक्त संबंधी बीमारियों के इलाज के लिए विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं की जरूरत होती है। समय पर जांच और उचित चिकित्सा सलाह बीमारी की पहचान तथा उपचार शुरू करने में महत्वपूर्ण होती है।
बच्चों में लंबे समय तक बुखार, असामान्य थकान, शरीर पर बार-बार नीले निशान, असामान्य रक्तस्राव या अन्य लगातार बने रहने वाले लक्षण दिखाई देने पर डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए। केवल लक्षणों के आधार पर किसी गंभीर बीमारी का निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए।
इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज से संपर्क करें
बच्चों के उपचार, जांच, उपलब्ध विशेषज्ञ सेवाओं और अस्पताल में पंजीयन से जुड़ी जानकारी के लिए श्याम शाह मेडिकल कॉलेज एवं संबद्ध अस्पताल के बाल रोग विभाग से संपर्क किया जा सकता है। उपचार की उपलब्धता और प्रक्रिया की जानकारी अस्पताल से पहले ही प्राप्त कर लेना उपयोगी रहेगा।