रीवा। गंभीर हालत में बेहतर इलाज के लिए लखनऊ ले जाए जा रहे सतना जिले के 60 वर्षीय मरीज को रीवा के निजी अस्पताल से एयरपोर्ट तक पहुंचाने के लिए पुलिस ने ग्रीन कॉरिडोर बनाया। पुलिस और यातायात व्यवस्था के समन्वय से एंबुलेंस ने करीब 10 मिनट में एयरपोर्ट तक का रास्ता पूरा किया। इसके बाद मरीज को एयर एंबुलेंस के माध्यम से लखनऊ ले जाने की व्यवस्था की गई।
बेहतर इलाज के लिए लखनऊ ले जाने का फैसला
समाचार के अनुसार, सतना जिले के रामपुर बघेलान निवासी रमेश शर्मा को इलाज के लिए रीवा शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनकी स्थिति को देखते हुए परिजनों ने उन्हें बेहतर उपचार के लिए लखनऊ ले जाने का फैसला किया। इसके लिए एयर एंबुलेंस की व्यवस्था की गई, ताकि मरीज को जल्द दूसरे अस्पताल तक पहुंचाया जा सके।
अस्पताल से एयरपोर्ट तक बनाया ग्रीन कॉरिडोर
मरीज को अस्पताल से एयरपोर्ट तक कम से कम समय में पहुंचाने के लिए पुलिस ने ग्रीन कॉरिडोर तैयार किया। रास्ते में यातायात को व्यवस्थित रखने के लिए प्रमुख स्थानों पर पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया। इसका उद्देश्य एंबुलेंस को रास्ते में जाम या अन्य यातायात बाधाओं का सामना किए बिना एयरपोर्ट तक पहुंचाना था।
व्यवस्था के तहत अस्पताल से एयरपोर्ट तक के मार्ग पर ट्रैफिक को नियंत्रित किया गया। पुलिसकर्मियों की तैनाती और यातायात प्रबंधन के कारण एंबुलेंस को करीब 10 मिनट में एयरपोर्ट पहुंचा दिया गया।
ग्रीन कॉरिडोर के लिए 32 पुलिसकर्मी तैनात
समाचार कटिंग के मुताबिक, पूरी व्यवस्था के तहत कुल 32 पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी। पुलिस और प्रशासन ने समन्वय बनाकर रास्ते को सुगम रखने की व्यवस्था की, जिससे मरीज को समय पर एयरपोर्ट पहुंचाया जा सके।
समय पर अस्पताल पहुंचाने में ग्रीन कॉरिडोर की भूमिका
गंभीर मरीजों को एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल या एयरपोर्ट तक ले जाते समय समय की अहम भूमिका होती है। ऐसे मामलों में ग्रीन कॉरिडोर बनाकर यातायात बाधाओं को कम करने का प्रयास किया जाता है। रीवा में भी पुलिस की इस व्यवस्था का उद्देश्य मरीज को एयर एंबुलेंस तक जल्द पहुंचाना था, ताकि आगे के उपचार के लिए उसे लखनऊ ले जाया जा सके।