रीवा। उच्च शिक्षा विभाग के अतिरिक्त संचालक प्रो. एस.के. मंडलोई ने रीवा शहर के तीन कॉलेजों का निरीक्षण किया। इस दौरान शासकीय कन्या महाविद्यालय (जीडीसी) में कक्षाओं के संचालन की व्यवस्था में कमियां मिलीं। निरीक्षण के समय कक्षाओं में प्राध्यापकों की अनुपस्थिति और अव्यवस्थित संचालन पर आपत्ति जताते हुए एडी ने प्राचार्य को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। वहीं, संस्कृत महाविद्यालय और विधि महाविद्यालय में कक्षाओं का संचालन संतोषजनक पाया गया।
जीडीसी में कक्षा संचालन की व्यवस्था पर आपत्ति
निरीक्षण के दौरान शासकीय कन्या महाविद्यालय रीवा में कक्षाओं के संचालन की व्यवस्था अपेक्षा के अनुरूप नहीं मिली। समाचार के अनुसार, निरीक्षण के समय कुछ कक्षाओं में प्राध्यापक मौजूद नहीं थे। इस स्थिति पर अतिरिक्त संचालक ने नाराजगी जताई और कॉलेज प्राचार्य से जवाब मांगा। नोटिस के जरिए व्यवस्था में मिली कमियों को लेकर स्पष्टीकरण देने के लिए कहा गया है।
संस्कृत और विधि कॉलेज में व्यवस्था संतोषजनक
एडी ने शासकीय संस्कृत महाविद्यालय और विधि महाविद्यालय का भी निरीक्षण किया। इन दोनों संस्थानों में कक्षाओं का संचालन सही पाया गया। निरीक्षण के दौरान कॉलेज प्राचार्यों को शैक्षणिक व्यवस्था बनाए रखने और उसे बेहतर करने के लिए आवश्यक निर्देश दिए गए।
साफ-सफाई और विद्यार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान कॉलेजों में साफ-सफाई की व्यवस्था बेहतर रखने पर भी जोर दिया गया। प्राचार्यों से कहा गया कि शासन की योजनाओं का लाभ पात्र विद्यार्थियों तक पहुंचाने के लिए सार्थक प्रयास किए जाएं। कॉलेजों में नियमित कक्षाएं संचालित हों और विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए उचित वातावरण मिले, यह सुनिश्चित करना संस्थान प्रबंधन की जिम्मेदारी है।
नियमित निरीक्षण के निर्देश
उच्च शिक्षा विभाग की ओर से कॉलेजों की शैक्षणिक व्यवस्था की निगरानी के लिए नियमित निरीक्षण किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में अतिरिक्त संचालक द्वारा अलग-अलग जिलों के महाविद्यालयों का निरीक्षण किया जा रहा है। इसका उद्देश्य कक्षा संचालन, साफ-सफाई और विद्यार्थियों को मिलने वाली सुविधाओं की स्थिति देखना है।
रीवा के तीन कॉलेजों के निरीक्षण में जीडीसी की व्यवस्था पर सवाल उठे, जबकि संस्कृत और विधि महाविद्यालय में कक्षा संचालन संतोषजनक मिला। जीडीसी प्राचार्य से नोटिस के माध्यम से मांगे गए जवाब के बाद आगे की कार्रवाई स्पष्ट होगी।