रीवा में सिरमौर चौराहा और समान प्लाजा ओवरब्रिज के नीचे अतिक्रमण और पार्किंग व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए गए हैं। प्रकाशित खबर के अनुसार, मुख्य सड़क और फुटपाथ के आसपास अस्थायी खाद्य स्टॉल लगाए जाने से यातायात प्रभावित होता है और जाम की स्थिति बनती है। खबर में यह आरोप भी लगाया गया है कि अस्थायी दुकान लगाने के लिए दुकानदारों से प्रतिदिन 50 से 100 रुपए तक वसूले जाते हैं।
सिरमौर चौराहा और समान प्लाजा के नीचे अतिक्रमण
खबर में सिरमौर चौराहा और समान प्लाजा ओवरब्रिज के नीचे सड़क तथा फुटपाथ के आसपास अस्थायी दुकानों का मुद्दा उठाया गया है। यहां खाद्य स्टॉल लगाए जाने से राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी होने की बात कही गई है। मुख्य सड़क पर जाम लगने की समस्या भी सामने रखी गई है।
दुकान लगाने के लिए 50 से 100 रुपए रोजाना वसूली का आरोप
प्रकाशित खबर में दावा किया गया है कि अस्थायी दुकान लगाने के लिए दुकानदारों से प्रतिदिन 50 से 100 रुपए तक लिए जाते हैं। हालांकि, यह रकम कौन वसूलता है, वसूली की आधिकारिक अनुमति है या नहीं और इसकी रसीद दी जाती है या नहीं, इन बिंदुओं की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।
हटाने के बाद फिर लग जाती हैं दुकानें
खबर के मुताबिक, नगर निगम का अतिक्रमण दस्ता समय-समय पर अस्थायी दुकानों को हटाता है, लेकिन कुछ समय बाद वे दोबारा लग जाती हैं। इससे अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के स्थायी असर और सड़क किनारे व्यवस्था बनाए रखने को लेकर सवाल खड़े होते हैं।
मुख्य सड़क पर जाम से यातायात प्रभावित
सिरमौर चौराहा और समान प्लाजा ओवरब्रिज के नीचे अतिक्रमण की वजह से मुख्य सड़क पर यातायात प्रभावित होने की बात खबर में कही गई है। सड़क और फुटपाथ के आसपास अस्थायी स्टॉल रहने से लोगों की आवाजाही में बाधा आने की आशंका रहती है।
इस मामले में पार्किंग व्यवस्था, अस्थायी दुकानों की अनुमति और कथित दैनिक वसूली को लेकर संबंधित अधिकारियों का पक्ष उपलब्ध सामग्री में शामिल नहीं है। इसलिए वसूली से जुड़े आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।