रीवा: रीवा के विश्वविद्यालय थाने में पदस्थ आरक्षक पीयूष मिश्रा की शनिवार, 24 अक्टूबर को मौत हो गई। 22 अक्टूबर की शाम पुलिस लाइन स्थित सरकारी आवास में जहरीले पदार्थ के सेवन के बाद उन्हें संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था। हालत गंभीर होने के कारण उनका आईसीयू में इलाज चल रहा था। दो दिन तक उपचार के बाद उनकी मौत हो गई।
सरकारी आवास में बिगड़ी थी आरक्षक की हालत
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 22 अक्टूबर की शाम परिजनों ने पीयूष मिश्रा को बेसुध हालत में देखा था। इसके बाद पुलिस अधिकारियों को सूचना दी गई। उन्हें तत्काल संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज शुरू किया गया।
जहरीले पदार्थ के सेवन के बाद उनकी हालत गंभीर बनी हुई थी। अस्पताल के आईसीयू में दो दिन तक उपचार चला, लेकिन 24 अक्टूबर को उनकी मौत हो गई।
मऊगंज जिले के धवैया गांव के निवासी थे
आरक्षक पीयूष मिश्रा मऊगंज जिले के धवैया गांव के निवासी थे। वे रीवा के विश्वविद्यालय थाने में पदस्थ थे। उनकी मौत की खबर से पुलिस विभाग और उनके परिचितों में शोक का माहौल है।
घटना के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं
घटना के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल सका है। शुरुआती जानकारी में पारिवारिक कलह की आशंका जताई गई थी, लेकिन उपलब्ध जानकारी में पुलिस की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। इसलिए घटना के पीछे की वजह को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
मामले से जुड़े अन्य तथ्यों और घटना के कारणों को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने आने का इंतजार है।
