रीवा एयरपोर्ट पर हाईजैकिंग मॉक ड्रिल, एनएसजी कमांडो और बीसीएएस अधिकारी रहे मौजूद

रीवा हवाई अड्डे पर हाईजैकिंग की स्थिति से निपटने के लिए मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस मॉक ड्रिल में एनएसजी कमांडो और बीसीएएस के अधिकारी भी शामिल हुए।;

Update: 2025-01-31 17:01 GMT
रीवा एयरपोर्ट पर हाईजैकिंग मॉक ड्रिल, एनएसजी कमांडो और बीसीएएस अधिकारी रहे मौजूद
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रीवा हवाई अड्डे पर बुधवार को एक हाईजैकिंग मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य हाईजैकिंग जैसी आपात स्थिति में सुरक्षा बलों की तैयारी को परखना और उन्हें इस तरह की स्थिति से निपटने के लिए प्रशिक्षित करना था।

मॉक ड्रिल की प्रक्रिया

इस मॉक ड्रिल में "फ्लाई हाई" नाम के एक डमी विमान का इस्तेमाल किया गया। इस विमान का अपहरण कर लिया गया और कम ईंधन की चेतावनी दी गई। इसके बाद विमान को रीवा हवाई अड्डे पर उतारा गया। एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) ने तुरंत इसकी सूचना जिला प्रशासन, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग को दी। इसके बाद सुरक्षा बलों ने कार्रवाई करते हुए विमान को अपने कब्जे में ले लिया और अपहर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया।

कौन-कौन रहा मौजूद?

इस मॉक ड्रिल में कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे, जिनमें शामिल हैं

  • अपर कलेक्टर श्रीमती सपना त्रिपाठी
  • एयरपोर्ट निदेशक नवनीत चौधरी
  • चीफ एविएशन सिक्योरिटी ऑफिसर
  • डीएसपी विवेक लाल
  • एटीसी प्रभारी श्रीमती आरती सिन्हा
  • फ्लाईबिग एयरलाइन प्रभारी केडी सिंह
  • बीसीएएस भोपाल के प्रतिनिधि सीताराम मीणा
  • एनएसजी कमांडो टीम अहमदाबाद
  • इसके अलावा, रीवा से मेडिकल टीम और फायर टीम भी मौके पर मौजूद थी।

मॉक ड्रिल का महत्व

यह मॉक ड्रिल सुरक्षा बलों की तैयारी को परखने और उन्हें हाईजैकिंग जैसी स्थिति से निपटने के लिए प्रशिक्षित करने के लिए बहुत ज़रूरी था। इससे यह सुनिश्चित होता है कि अगर कभी वाकई में ऐसी कोई घटना होती है, तो सुरक्षा बल उससे निपटने के लिए तैयार रहेंगे।

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