रीवा। शहर के रेलवे स्टेशन के आसपास शाम होते ही कथित तौर पर शराब और गांजे के सेवन के लिए लोगों का जमघट लगने की शिकायत सामने आई है। रेलवे स्टेशन से दुआरी की ओर जाने वाली सड़क के बीच स्थित कॉलोनियों में रहने वाले परिवारों को इससे असुरक्षा का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों ने पुलिस की नियमित गश्त बढ़ाने और सार्वजनिक स्थानों पर नशा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, रेलवे स्टेशन के सामने स्थित खाली मैदान और आसपास के अंधेरे वाले हिस्सों में शाम के समय कुछ लोग एकत्र होकर शराब और गांजे का सेवन करते हैं।
आरोप है कि कई लोग अपने वाहन सड़क या रास्ते में मनमाने तरीके से खड़े कर देते हैं, जिससे आवागमन में परेशानी होती है।
कॉलोनियों में रहने वाले परिवारों की बढ़ी चिंता
रेलवे स्टेशन से दुआरी जाने वाली सड़क के आसपास कई कॉलोनियां बसी हुई हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि शाम के समय नशे में मौजूद कुछ लोगों की गतिविधियों के कारण परिवारों, महिलाओं और अन्य राहगीरों को परेशानी होती है।
शिकायतों में कुछ लोगों के साथ अभद्र व्यवहार और वाहन हटाने की बात कहने पर विवाद होने के आरोप भी शामिल हैं।
स्थानीय लोगों का दावा है कि कुछ मामलों में बात मारपीट तक पहुंच गई। हालांकि, इन घटनाओं की स्वतंत्र पुष्टि और पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आना अभी बाकी है।
वाहन खड़े करने को लेकर विवाद के आरोप
स्थानीय लोगों के मुताबिक, शाम होते ही कुछ लोग सड़क या आसपास के रास्तों में अपने वाहन आड़े-तिरछे खड़े कर देते हैं।
इससे रास्ते से निकलने वाले लोगों को परेशानी होती है। वाहन हटाने का अनुरोध करने पर कथित तौर पर विवाद और दुर्व्यवहार की स्थिति बन जाती है।
लोगों का कहना है कि सार्वजनिक रास्तों पर इस तरह की गतिविधियों पर रोक लगाने और विवाद की स्थिति में तत्काल मदद पहुंचाने के लिए पुलिस की मौजूदगी जरूरी है।
ऑटो चालकों की गतिविधियों पर भी सवाल
स्थानीय लोगों ने कुछ ऑटो चालकों की गतिविधियों को लेकर भी शिकायतें की हैं। आरोप है कि शाम के समय कुछ ऑटो चालक रेलवे स्टेशन के आसपास एकत्र होते हैं और नशे का सेवन करते हैं। लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि विवाद और मारपीट की घटनाओं से क्षेत्र का माहौल प्रभावित हो रहा है।
इन आरोपों की पुष्टि के लिए संबंधित पक्षों और पुलिस का बयान जरूरी है। सभी ऑटो चालकों को एक साथ जिम्मेदार ठहराने के बजाय शिकायतों के आधार पर जांच और कार्रवाई की मांग की जा रही है।
पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि रेलवे स्टेशन के आसपास शाम के समय पुलिसकर्मियों की नियमित मौजूदगी दिखाई नहीं देती।
लोगों ने आपातकालीन पुलिस सहायता के समय पर उपलब्ध होने को लेकर भी चिंता जताई है।
उनकी मांग है कि रेलवे स्टेशन के सामने खाली मैदान, दुआरी रोड और आसपास की कॉलोनियों में शाम से रात तक नियमित पुलिस गश्त की जाए। अंधेरे वाले स्थानों पर रोशनी की व्यवस्था, सार्वजनिक रास्तों पर अवैध तरीके से वाहन खड़े करने पर कार्रवाई और नशे की गतिविधियों की जांच से लोगों को राहत मिल सकती है।
शिकायतों पर कार्रवाई की जरूरत
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस समस्या की जानकारी पहले भी संबंधित स्तर पर दी जा चुकी है, लेकिन उनके अनुसार स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है। अब वे चाहते हैं कि पुलिस प्रशासन शिकायतों की जांच कर संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाए।
रेलवे स्टेशन जैसे व्यस्त क्षेत्र में यात्रियों और आसपास रहने वाले परिवारों की सुरक्षा महत्वपूर्ण है। शिकायतों की निष्पक्ष जांच, नियमित गश्त और जरूरत के अनुसार कार्रवाई से सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा का भरोसा मजबूत किया जा सकता है।