चिकित्सालय के अध्यक्ष डॉ. प्रभाकर चतुर्वेदी ने कहा कि समय पर आंखों की जांच और विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेने से मोतियाबिंद जैसी समस्या का समय रहते उपचार कराया जा सकता है। उन्होंने 50 वर्ष से अधिक आयु के लोगों से नियमित रूप से आंखों की जांच कराने की अपील की।
रीवा में 18 मरीजों का मोतियाबिंद ऑपरेशन सफल: लायंस नेत्र चिकित्सालय में निःशुल्क इलाज, डॉ. प्रभाकर चतुर्वेदी ने नियमित जांच की अपील की

मुख्य बिंदुQuick Read
- रीवा लायंस नेत्र चिकित्सालय में 18 मरीजों की मोतियाबिंद सर्जरी सफलतापूर्वक की गई।
- ऑपरेशन के लिए आधुनिक फीको तकनीक का इस्तेमाल किया गया।
- डॉ. प्रभाकर चतुर्वेदी ने 50 वर्ष से अधिक आयु के लोगों से नियमित आंखों की जांच कराने की अपील की।
- अस्पताल के अनुसार, यहां अब तक मोतियाबिंद के 31 हजार से अधिक ऑपरेशन किए जा चुके हैं।
आधुनिक फीको तकनीक से 18 मरीजों की सर्जरी
शिविर के दौरान विशेषज्ञ नेत्र चिकित्सकों ने मरीजों की विस्तृत जांच की। जांच के बाद ऑपरेशन के लिए उपयुक्त पाए गए मरीजों की आधुनिक उपकरणों की मदद से सर्जरी की गई। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, सभी 18 मरीजों का ऑपरेशन सफल रहा।
ऑपरेशन के बाद मरीजों की देखभाल के साथ उन्हें जरूरी दवाइयां और चश्मा निःशुल्क उपलब्ध कराया गया। मरीजों और उनके परिजनों के लिए पौष्टिक भोजन तथा ठहरने की व्यवस्था भी की गई। शिविर का उद्देश्य जरूरतमंद लोगों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण नेत्र चिकित्सा उपलब्ध कराना था।
31 हजार से अधिक मोतियाबिंद ऑपरेशन का दावा
चिकित्सालय प्रबंधन के मुताबिक, रीवा लायंस नेत्र चिकित्सालय में अब तक मोतियाबिंद के 31 हजार से अधिक ऑपरेशन किए जा चुके हैं। अस्पताल ने बताया कि चालू वर्ष में भी अब तक 1,000 से अधिक मोतियाबिंद ऑपरेशन किए गए हैं। जिला दृष्टिहीनता नियंत्रण समिति के सहयोग से पात्र मरीजों को निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।
इस सुविधा से ग्रामीण क्षेत्रों के आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को भी नेत्र उपचार का लाभ मिल रहा है। अस्पताल प्रबंधन ने मरीजों को नियमित जांच कराने और ऑपरेशन के बाद चिकित्सकों की सलाह का पालन करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
50 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों से नियमित जांच की अपील
डॉ. प्रभाकर चतुर्वेदी ने कहा कि उम्र बढ़ने के साथ आंखों की नियमित जांच कराना जरूरी है। मोतियाबिंद के लक्षण दिखाई देने पर लापरवाही करने के बजाय विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। समय पर जांच से बीमारी की पहचान और उचित उपचार में मदद मिल सकती है।
मरीजों को धूल, धुएं और आंखों में चोट लगने जैसी परिस्थितियों से बचने की सलाह भी दी गई। आंखों पर दबाव या किसी तरह की परेशानी होने पर चिकित्सकीय सलाह लेने को कहा गया।
चिकित्सालय के पदाधिकारी और स्टाफ रहे मौजूद
शिविर के दौरान चिकित्सालय के उपाध्यक्ष एमजेएफ लायन अतुल जैन, एमजेएफ लायन अरुण अग्रवाल, पीएमजेएफ लायन महेंद्र सराफ, लायंस क्लब अध्यक्ष राजेश गुप्ता, सचिव एमजेएफ संजय गुप्ता, डॉ. आरती गुप्ता, ओमप्रकाश गौतम, एमजेएफ बी.के. थापर, एमजेएफ डी.पी. सिंह परिहार, प्रो. विभा श्रीवास्तव और विनोद पांडेय सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
अस्पताल प्रबंधक प्रखर गुप्ता, ज्ञानेंद्र पाठक, ऑप्थैल्मिक असिस्टेंट मीनाक्षी सिंह, प्रियंका शुक्ला, शालिनी सिंह, आशीष पाठक, नर्स राजदुलारी पटेल और सहायिका परवीन खान सहित अस्पताल का स्टाफ तथा मरीजों के परिजन भी मौजूद रहे। मरीजों और उनके परिजनों ने निःशुल्क उपचार के लिए चिकित्सालय के पदाधिकारियों और प्रबंधन के प्रति आभार व्यक्त किया।
