रीवा। जिले की गुढ़ तहसील में राजस्व अमले के खिलाफ किसानों का आंदोलन बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 से शुरू होने जा रहा है। भारतीय सर्व सेवा संगठन के बैनर तले सुबह 11 बजे से अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन प्रस्तावित है। भूमि सीमांकन और कब्जे से जुड़े विवाद को लेकर यह आंदोलन किया जा रहा है। मामले में गुढ़ के अनुविभागीय अधिकारी एवं दंडाधिकारी कार्यालय ने थाना प्रभारी को पत्र जारी कर धरना स्थल पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
28 अक्टूबर को सुबह 11 बजे से धरना
गुढ़ के अनुविभागीय अधिकारी एवं दंडाधिकारी कार्यालय से 23 अक्टूबर 2026 को जारी पत्र में 28 अक्टूबर को तहसील गुढ़ में धरना और अनशन किए जाने की जानकारी दी गई है। पत्र में समय सुबह 11 बजे से दर्ज है। आंदोलन भारतीय सर्व सेवा संगठन के बैनर तले प्रस्तावित है और इसे अनिश्चितकालीन विशाल धरना-प्रदर्शन बताया गया है।
पत्र थाना प्रभारी, थाना गुढ़ के नाम जारी किया गया है। इसकी प्रतिलिपि कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और तहसीलदार एवं कार्यपालिक मजिस्ट्रेट गुढ़ को भी भेजी गई है।
भूमि सीमांकन और कब्जे के विवाद का मामला
कार्यालय के पत्र के अनुसार, विवाद भूमि के दो बार सीमांकन और कब्जे से संबंधित है। पत्र में अभिमन्यु कुमार उर्फ कमलेश शुक्ला का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि भूमि सीमांकन को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ है। इसी मामले को लेकर भारतीय सर्व सेवा संगठन की ओर से धरना एवं अनशन किए जाने की सूचना दी गई है।
हालांकि, उपलब्ध पत्र में भूमि की पूरी पहचान, सीमांकन रिपोर्ट, संबंधित पक्षों के विस्तृत दावे और राजस्व अधिकारियों का पक्ष दर्ज नहीं है। इसलिए विवाद के सभी पहलुओं और जिम्मेदारी के बारे में स्वतंत्र पुष्टि के बिना कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
प्रशासन ने कानून-व्यवस्था के लिए दिए निर्देश
गुढ़ के अनुविभागीय अधिकारी एवं दंडाधिकारी ने थाना प्रभारी को निर्देश दिया है कि 28 अक्टूबर को दोपहर 11 बजे से प्रस्तावित धरना स्थल पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। पत्र की प्रतिलिपि जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ तहसीलदार एवं कार्यपालिक मजिस्ट्रेट गुढ़ को भी भेजी गई है।
यह पत्र धरना-प्रदर्शन की सूचना और कानून-व्यवस्था संबंधी निर्देशों से जुड़ा है। इसमें आंदोलन की मांगों पर अंतिम प्रशासनिक निर्णय या भूमि विवाद के निपटारे की जानकारी नहीं दी गई है।
आंदोलन के बाद क्या होगा?
28 अक्टूबर को प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन के दौरान संगठन की मांगों और प्रशासन की प्रतिक्रिया पर आगे की स्थिति निर्भर करेगी। फिलहाल उपलब्ध दस्तावेज से आंदोलन की निर्धारित तारीख, समय और भूमि सीमांकन से जुड़े विवाद की जानकारी मिलती है। धरना शुरू होने, इसमें शामिल लोगों की संख्या, संगठन की विस्तृत मांगों और प्रशासन के अगले कदमों की पुष्टि आंदोलन के दिन की जानकारी मिलने के बाद ही की जा सकेगी।