यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक डॉ. गुरकरन सिंह के प्रतिवेदन के आधार पर मध्यप्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 के तहत की गई है। जिला बदर के आदेश अधिनियम की धारा 5 और थाने में नियमित हाजिरी के आदेश धारा 3(1)(क) के तहत जारी किए गए हैं।
रीवा कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी का फैसला: 11 अपराधियों पर कार्रवाई

मुख्य बिंदुQuick Read
- 3 अपराधियों पर जिला बदर की कार्रवाई: एक साल तक रीवा समेत 6 जिलों की राजस्व सीमाओं से बाहर रहने का आदेश।
- 8 अपराधियों को हाजिरी का निर्देश: हर 15 दिन में संबंधित थाने में उपस्थिति दर्ज करानी होगी।
रीवा में किन 3 अपराधियों को किया गया जिला बदर?
कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के अनुसार, चुन्नू प्रजापति उर्फ दुर्गेश (22 वर्ष), पिता सोमेश्वर प्रजापति, निवासी कोरियान मोहल्ला रीवा को जिला बदर किया गया है। वह वर्तमान में केंद्रीय जेल रीवा में निरुद्ध है। उसके जेल से रिहा होने की तारीख से एक वर्ष की अवधि के लिए जिला बदर का आदेश प्रभावी रहेगा।
इसके अलावा अंजनी माझी (35 वर्ष), पिता तेजबली माझी, निवासी ग्राम ददरी और मनीष कोल उर्फ कोक्को (24 वर्ष), पिता राजू कोल, निवासी ललपा रीवा को भी जिला बदर करने के आदेश जारी किए गए हैं।
इन तीनों को एक वर्ष तक रीवा सहित मैहर, सतना, सीधी, मऊगंज और सिंगरौली जिलों की राजस्व सीमाओं से बाहर रहने के निर्देश दिए गए हैं। सक्षम अधिकारी की लिखित अनुमति के बिना प्रतिबंधित जिलों में प्रवेश करने पर मध्यप्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 की धारा 14 के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
किन कारणों से हुई जिला बदर की कार्रवाई?
जिला प्रशासन के अनुसार, संबंधित अपराधियों के विरुद्ध विभिन्न थाना क्षेत्रों में आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। इनमें डराने-धमकाने, अवैध शस्त्र, गाली-गलौज, मारपीट, जान से मारने की धमकी और लूट सहित अन्य मामले शामिल हैं।
प्रशासन के मुताबिक, इनके विरुद्ध पहले भी प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई थी, लेकिन कथित आपराधिक गतिविधियों में कमी नहीं आई। लोक शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से जिला बदर के आदेश जारी किए गए हैं।
इन 8 अपराधियों को हर 15 दिन में थाने में देनी होगी हाजिरी
कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने 8 अन्य व्यक्तियों को एक वर्ष तक प्रत्येक 15 दिन में अपने निवास क्षेत्र के थाने में उपस्थित होकर हाजिरी देने के आदेश दिए हैं। आदेश में शामिल नाम इस प्रकार हैं:
- दीपक पाण्डेय उर्फ भुल्ली (35 वर्ष), पिता स्वर्गीय ओंकारनाथ पाण्डेय, निवासी मझगवां।
- अमित सिंह चौहान (23 वर्ष), पिता अंतिम सिंह चौहान, निवासी जतरी डभौरा।
- बबुलिया उर्फ तुलसी रावत (43 वर्ष), पिता किशोर रावत, निवासी ग्राम चोरहटा, रीवा।
- विकास सिंह पटेल उर्फ बेटू (32 वर्ष), पिता अशोक सिंह पटेल, निवासी ग्राम नरौरा।
- जितेन्द्र उर्फ जीतू कुशवाहा (34 वर्ष), पिता स्वर्गीय राममनोहर कुशवाहा, निवासी ग्राम बैजनाथ।
- आशीष कुमार पाठक उर्फ पिंटू (46 वर्ष), पिता स्वर्गीय शोभनाथ पाठक, निवासी नौवस्ता।
- राहुल पाण्डेय (38 वर्ष), पिता जगमोहन पाण्डेय, निवासी ग्राम भिटवा।
- अंकित कुमार दीपांकर (26 वर्ष), पिता रामसिया दीपांकर, निवासी वार्ड क्रमांक 7, पचामा, त्योंथर।
किस कानून के तहत जारी हुए आदेश?
जिला बदर की कार्रवाई मध्यप्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 की धारा 5 के तहत की गई है। वहीं, अन्य 8 व्यक्तियों को नियमित रूप से थाने में हाजिरी देने के आदेश इसी अधिनियम की धारा 3(1)(क) के तहत जारी किए गए हैं।
जिला प्रशासन के अनुसार, इन कार्रवाइयों का उद्देश्य आमजन में सुरक्षा की भावना बनाए रखना और लोक शांति सुनिश्चित करना है। जिला बदर किए गए व्यक्तियों को प्रतिबंधित जिलों में प्रवेश से संबंधित आदेशों का पालन करना होगा, जबकि हाजिरी के आदेश से बंधे व्यक्तियों को निर्धारित अवधि तक हर 15 दिन में संबंधित थाने में उपस्थिति दर्ज करानी होगी।
