Bhai Dooj 2026: 11 नवंबर को भाई दूज, जानें तिलक का शुभ मुहूर्त

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New Delhi: Bhai Dooj 2026: 11 नवंबर को भाई दूज, जानें तिलक का शुभ मुहूर्त
Bhai Dooj 2026: 11 नवंबर को भाई दूज, जानें तिलक का शुभ मुहूर्त

मुख्य बिंदुQuick Read

  • भाई दूज 2026 की तारीख: 11 नवंबर, बुधवार।
  • द्वितीया तिथि: 10 नवंबर दोपहर से 11 नवंबर दोपहर तक।
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भाई दूज 2026 कब है? (Bhai Dooj 2026 Date)

हिंदू पंचांग के अनुसार भाई दूज कार्तिक महीने के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाई जाती है। वर्ष 2026 में यह पर्व 11 नवंबर, बुधवार को मनाया जाएगा। इसे भाई द्वितीया, यम द्वितीया, भाई टीका और भाई फोंटा जैसे नामों से भी जाना जाता है।

भाई दूज दीपावली के पांच दिवसीय पर्व के समापन से जुड़ा प्रमुख त्योहार है। इस दिन बहनें भाई को तिलक लगाती हैं, आरती करती हैं और उसके मंगलमय जीवन की प्रार्थना करती हैं। भाई भी बहन को उपहार देकर उसके प्रति प्रेम और सम्मान व्यक्त करते हैं।

भाई दूज 2026 तिलक का शुभ मुहूर्त

दिल्ली के लिए उपलब्ध पंचांग के अनुसार 11 नवंबर 2026 को भाई दूज का तिलक मुहूर्त दोपहर 1:10 बजे से 3:20 बजे तक है। इस अवधि में बहनें भाई को तिलक लगाकर पूजा कर सकती हैं।

  • भाई दूज की तारीख: 11 नवंबर 2026, बुधवार
  • द्वितीया तिथि शुरू: 10 नवंबर को दोपहर लगभग 2 बजे
  • द्वितीया तिथि समाप्त: 11 नवंबर को दोपहर 3:53 बजे
  • तिलक का मुहूर्त: दोपहर 1:10 बजे से 3:20 बजे तक

ध्यान दें कि तिलक मुहूर्त शहर के अनुसार थोड़ा अलग हो सकता है। पूजा से पहले अपने क्षेत्र के पंचांग से स्थानीय समय की पुष्टि कर लें।

भाई दूज की पूजा विधि (Bhai Dooj Puja Vidhi)

भाई दूज के दिन बहनें स्नान करके पूजा की तैयारी करती हैं। पूजा में तिलक, अक्षत, दीपक, मिठाई और आरती की थाली रखी जा सकती है। परिवार की परंपरा के अनुसार पूजा की विधि में कुछ अंतर हो सकता है।

  1. सुबह स्नान करके साफ कपड़े पहनें और पूजा की तैयारी करें।
  2. पूजा की थाली में रोली या कुमकुम, अक्षत, दीपक, मिठाई और फल रखें।
  3. शुभ मुहूर्त में भाई को बैठाकर उसके माथे पर तिलक लगाएं।
  4. भाई की आरती उतारें और उसके अच्छे स्वास्थ्य तथा लंबी उम्र की कामना करें।
  5. भाई को मिठाई खिलाएं और परिवार की परंपरा के अनुसार भोजन कराएं।
  6. भाई अपनी बहन को उपहार देकर उसके प्रति स्नेह और सम्मान व्यक्त करे।

भाई दूज का महत्व क्या है?

भाई दूज भाई-बहन के रिश्ते को मजबूत करने वाला त्योहार है। इस दिन बहन अपने भाई की खुशहाली और लंबी उम्र की कामना करती है। भाई भी बहन के प्रति अपने प्रेम और जिम्मेदारी को व्यक्त करता है। यह पर्व परिवार में स्नेह, विश्वास और आपसी सहयोग का संदेश देता है।

धार्मिक मान्यता के अनुसार भाई दूज को यम द्वितीया भी कहा जाता है। इस पर्व का संबंध यमराज और उनकी बहन यमुना से जुड़ी पौराणिक कथा से माना जाता है। इसी वजह से कई परिवारों में इस दिन यमराज और यमुना की पूजा करने की परंपरा भी है।

भाई दूज की पौराणिक कथा

पौराणिक कथा के अनुसार यमराज की बहन यमुना उन्हें अपने घर आने के लिए आमंत्रित करती थीं। एक दिन यमराज अपनी बहन यमुना के घर पहुंचे। यमुना ने उनका स्वागत किया, तिलक लगाया और भोजन कराया। बहन के स्नेह से प्रसन्न होकर यमराज ने उन्हें वरदान देने की बात कही।

मान्यता है कि यमुना ने वरदान मांगा कि इस दिन जो भाई अपनी बहन के घर आए और उससे आदर-सत्कार प्राप्त करे, उसे सुख और कल्याण का आशीर्वाद मिले। तभी से भाई दूज पर बहन के घर जाने, तिलक कराने और साथ भोजन करने की परंपरा प्रचलित मानी जाती है। इस कथा के अलग-अलग क्षेत्रीय रूप भी मिलते हैं।

भाई दूज और रक्षाबंधन में क्या अंतर है?

रक्षाबंधन और भाई दूज दोनों त्योहार भाई-बहन के रिश्ते से जुड़े हैं, लेकिन इनके रीति-रिवाज अलग हैं। रक्षाबंधन पर बहन भाई की कलाई पर राखी बांधती है। वहीं भाई दूज पर बहन भाई के माथे पर तिलक लगाती है और उसकी खुशहाली की कामना करती है। दोनों पर्व भाई-बहन के प्रेम और एक-दूसरे के प्रति जिम्मेदारी का संदेश देते हैं।

Bhai Dooj 2026: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

भाई दूज 2026 में कब है?

भाई दूज 2026 बुधवार, 11 नवंबर को मनाई जाएगी।

भाई दूज 2026 में तिलक का शुभ मुहूर्त क्या है?

दिल्ली के पंचांग के अनुसार तिलक मुहूर्त दोपहर 1:10 बजे से 3:20 बजे तक है। स्थानीय समय में अंतर हो सकता है।

भाई दूज को यम द्वितीया क्यों कहते हैं?

धार्मिक मान्यता के अनुसार इस पर्व का संबंध यमराज और उनकी बहन यमुना की कथा से है। इसलिए इसे यम द्वितीया भी कहा जाता है।

भाई दूज पर पूजा कैसे की जाती है?

बहन शुभ समय में भाई को तिलक लगाती है, आरती करती है और उसकी खुशहाली की कामना करती है। इसके बाद मिठाई और भोजन कराने की परंपरा है।

संपादकीय लेखक एवं रिपोर्टर
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रीवा रियासत न्यूज़ डेस्क
संपादकीय न्यूज़ डेस्क • रीवा रियासत

द सिटी एक्सप्रेस की केंद्रीय संपादकीय टीम द्वारा सत्यापित, निष्पक्ष और तथ्य-जांच आधारित ताज़ा समाचार व लाइव अपडेट्स।

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