दिग्गज इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता कंपनी टेस्ला और उसके प्रमुख एलन मस्क ने अपनी बहुप्रतीक्षित नेक्स्ट-जनरेशन स्पोर्ट्स कार 'टेस्ला रोडस्टर' (Tesla Roadster) के उत्पादन प्रोटोटाइप का अनावरण किया है। स्पेसएक्स फैसिलिटी में आयोजित लाइव प्रदर्शन के दौरान कार ने अपने इन-बिल्ट थ्रस्टर्स के जरिए हवा में छलांग लगाकर दुनिया को चौंका दिया। मस्क ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए लिखा कि भविष्य में सचमुच उड़ने वाली कारें आ चुकी हैं।
रैंप पर उल्टी दौड़ी, हवा में मुड़कर की सुरक्षित लैंडिंग
लाइव डिमॉन्स्ट्रेशन के दौरान दो सीटों वाली इस सुपरकार ने विशेष सक्शन सिस्टम की मदद से एक रैंप पर उल्टी दौड़ लगाई और फिर हवा में मुड़ते हुए थ्रस्टर्स की मदद से सुरक्षित जमीन पर लैंड किया। एक अन्य प्रदर्शन में कार ने हाई-प्रेशर एयर थ्रस्टर्स की मदद से ट्रक और अन्य वाहनों के ऊपर से ऊंची छलांग लगाई। हालांकि कंपनी ने स्पष्ट किया है कि रॉकेट वैरिएंट की इन अत्यधिक साहसिक उड़ानों को सामान्य सार्वजनिक सड़कों पर चलाने की कानूनी अनुमति नहीं होगी।
Turns out the future does have flying cars https://t.co/6fexPp6SXI
— Elon Musk (@elonmusk) October 16, 2026
9 साल का इंतजार, अब 2028 से शुरू होगा उत्पादन
टेस्ला ने सेकंड-जनरेशन रोडस्टर का कॉन्सेप्ट सबसे पहले नवंबर 2017 में दुनिया के सामने रखा था और 2020 तक डिलीवरी देने का वादा किया था। बैटरी तकनीक, डिजाइन बदलाव और सप्लाई चेन की अड़चनों के कारण इसकी लॉन्चिंग में लगातार देरी होती रही। अब टेस्ला ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि नई रोडस्टर का वाणिज्यिक उत्पादन वर्ष 2028 से शुरू किया जाएगा।
टेस्ला रोडस्टर के प्रमुख तकनीकी स्पेसिफिकेशन्स
| फीचर्स / मानक | दावा और क्षमताएं |
|---|---|
| 0 से 100 किमी/घंटा रफ्तार | 1.1 सेकंड (स्पेसएक्स थ्रस्टर पैकेज के साथ) / 1.9 सेकंड (बेस मॉडल) |
| सिंगल चार्ज ड्राइविंग रेंज | लगभग 1,000 किलोमीटर (620 मील) |
| पहियों का टॉर्क | 10,000 न्यूटन मीटर (Nm) |
| स्टीयरिंग तकनीक | स्टीयर-बाय-वायर सिस्टम (साइबरट्रक की तर्ज पर) |
| उत्पादन समय-सीमा | वर्ष 2028 से निर्माण प्रारंभ |
सुपरकार्स के बाजार में नए युग की शुरुआत
टेस्ला ने रोडस्टर को मानव-चालित कारों के युग की सबसे शक्तिशाली और आधुनिक कार करार दिया है। उद्योग विश्लेषकों का मानना है कि जहां दुनिया की अन्य ऑटो कंपनियां ऑटोमेशन और पारंपरिक इलेक्ट्रिक ड्राइवट्रेन पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं, वहीं रॉकेट प्रोपल्शन तकनीक का स्पोर्ट्स कार में उपयोग ऑटोमोबाइल जगत के लिए एक नया तकनीकी प्रयोग है।

