ईरान में हिजाब विरोध: यूनिवर्सिटी में कपड़े उतारकर घूमने वाली छात्रा क्या सुरक्षित है? वह कहां है? जानिए क्या हैं दावे...

ईरान में हिजाब के विरोध में यूनिवर्सिटी में कपड़े उतारकर घूमने वाली छात्रा की घटना ने सभी को चौंका दिया। जानें, यूनिवर्सिटी और अधिकारियों का क्या कहना है और एमनेस्टी इंटरनेशनल की क्या अपील है।;

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Update: 2024-11-04 05:46 GMT
ईरान में हिजाब विरोध: यूनिवर्सिटी में कपड़े उतारकर घूमने वाली छात्रा क्या सुरक्षित है? वह कहां है? जानिए क्या हैं दावे...
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ईरान, जो कि शरिया कानून के सख्त नियमों के लिए जाना जाता है, वहां हाल ही में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। तेहरान की इस्लामिक आजाद यूनिवर्सिटी में एक छात्रा ने हिजाब के विरोध में अपने कपड़े उतार दिए, जिससे पूरे देश में हलचल मच गई। यह घटना न केवल ईरान में बल्कि वैश्विक स्तर पर भी चर्चा का विषय बन गई है।

इस घटना का वीडियो वायरल होते ही लोगों को दो साल पहले महसा अमीनी की याद आ गई, जिसे मॉरल पुलिस द्वारा हिजाब सही तरीके से न पहनने पर हिरासत में लिया गया था। इस बार, यूनिवर्सिटी कैंपस में अहौ दारयाई नाम की छात्रा ने अपने कपड़े उतारकर हिजाब के सख्त नियमों का विरोध किया। यह विरोध तब शुरू हुआ जब यूनिवर्सिटी के सिक्योरिटी गार्ड्स ने उसे हिंसक रूप से रोकने की कोशिश की।

युवती की वर्तमान स्थिति

अहौ दारयाई को विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस द्वारा हिरासत में लिया गया और फिर उसे एक मनोरोग केंद्र भेज दिया गया। यूनिवर्सिटी के अधिकारियों का दावा है कि महिला मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित थी। उनके अनुसार, छात्रा 'गंभीर मानसिक दबाव' और मानसिक विकारों से जूझ रही थी।

एमनेस्टी इंटरनेशनल की प्रतिक्रिया

मानवाधिकार संगठन एमनेस्टी इंटरनेशनल ने ईरानी अधिकारियों से महिला की तत्काल रिहाई की अपील की है। उन्होंने कहा कि महिला को यातना और अन्य दुर्व्यवहार से बचाया जाना चाहिए, और उसे अपने परिवार और वकील से मिलने की अनुमति दी जानी चाहिए। संयुक्त राष्ट्र की विशेष दूत माई सातो ने भी इस मामले पर अपनी नजर बनाए रखने की बात कही है।

यूनिवर्सिटी का बयान

यूनिवर्सिटी ने एक बयान में कहा कि वे इस घटना के पीछे के 'वास्तविक मकसद' की जांच कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि छात्रा मानसिक रूप से अस्वस्थ थी और गंभीर मानसिक दबाव में थी।

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