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रीवा शादी सीजन 2025: दूल्हों में फिर बढ़ा सफेद घोड़ी पर तोरण मारने का क्रेज, घोड़ी 5000 और बग्घी 10000 तक पहुंची

Aaryan Puneet Dwivedi
22 Nov 2025 7:27 PM IST
रीवा शादी सीजन 2025: दूल्हों में फिर बढ़ा सफेद घोड़ी पर तोरण मारने का क्रेज, घोड़ी 5000 और बग्घी 10000 तक पहुंची
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Rewa Wedding Season 2025: दूल्हों में घोड़ी पर चढ़कर तोरण मारने का पुराना क्रेज फिर बढ़ा। सफेद घोड़ी 5000 और बग्घी 10000 तक पहुंची। पूरी रिपोर्ट पढ़ें।

रीवा शादी सीजन 2025: दूल्हों में सफेद घोड़ी और बग्घी का क्रेज बढ़ा

✔ देवउठनी एकादशी के बाद रीवा में शादी सीजन जोर पर
✔ दूल्हों में सफेद घोड़ी पर तोरण मारने की परंपरा फिर ट्रेंड में
✔ एक घोड़ी का किराया 5000 और बग्घी 10000 तक पहुंची

✔ पारंपरिक शादियों में बढ़ रही रॉयल एंट्री की मांग

रीवा न्यूज। आधुनिक शादी आयोजनों में जहां DJ साउंड, LED लाइटिंग और लग्जरी कारों का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है, वहीं दूल्हों की परंपरागत शान का एक हिस्सा आज भी नहीं बदला है। देवउठनी एकादशी के बाद शुरू हुआ शादी सीजन 2025 रीवा शहर में इस बार एक बार फिर पुरानी परंपराओं को जीता-जागता दिखा रहा है।

शहरी जनजीवन में बदलाव के बावजूद दूल्हों में सफेद घोड़ी पर सवार होकर तोरण मारने की परंपरा का आकर्षण आज भी जस का तस बना हुआ है। बैंड-बाजे की धुन, बारातियों की थिरकन और दूल्हे का घोड़ी पर बैठकर निकलना—यह नजारा रीवा की शादियों की पहचान बना हुआ है।

सफेद घोड़ी की बढ़ी मांग — शुभ भी, स्टाइल स्टेटमेंट भी

रीवा शहर में इस बार सफेद घोड़ी की मांग सबसे ज्यादा देखी जा रही है। परंपरा के अनुसार सफेद घोड़ी को शुभ माना जाता है और माना जाता है कि इससे दूल्हे का व्यक्तित्व भी और अधिक शाही दिखता है। यही वजह है कि युवा भी लग्जरी कारों के बजाय रॉयल एंट्री के लिए घोड़ी को प्राथमिकता दे रहे हैं।

घोड़ी उपलब्ध कराने वालों का कहना है कि शादी के सीजन में बुकिंग महीनों पहले से ही शुरू हो गई थी। रीवा के कई इलाकों में एक ही दिन में दर्जनों बारातें निकलने से घोड़ी की डिमांड ज्यादा बढ़ जाती है।

घोड़ी 5000 और बग्घी 10000 — किराए में भी इजाफा

शहर में सफेद घोड़ी का किराया इस समय 5000 रुपये तक पहुंच गया है। वहीं, खूबसूरत रोशनी से सजी शाही बग्घी का किराया 10,000 रुपये तक हो गया है। बग्घी व्यवसाय से जुड़े सत्यराज सिंह पटेल बताते हैं:

"घोड़ी और बग्घी से बारात की रौनक बढ़ती है। दूल्हे की एंट्री ग्रैंड लगती है। लोग परंपरा और आधुनिकता के मिश्रण को पसंद कर रहे हैं, इसलिए बुकिंग लगातार बढ़ रही है।"

परंपरा और आधुनिकता का शानदार मेल

आज के दौर में जहां युवा ट्रेंड बदलने लगे हैं, वहीं दूल्हों में करीना कार, हुंडई टक्सन, थार जैसी गाड़ियों का क्रेज भी दिखता है। लेकिन इसके बावजूद घोड़ी पर चढ़ने का रस्म अपनी अहमियत बरकरार रखे हुए है।

कई शादी आयोजक बताते हैं कि दूल्हे की घोड़ी पर एंट्री फोटोशूट और वीडियोग्राफी के लिए भी परफेक्ट रहती है। यही वजह है कि सोशल मीडिया और Reels के दौर में भी घोड़ी का क्रेज कम नहीं हुआ।

घोड़ी और बग्घी बुकिंग की स्थिति

रीवा शहर और आसपास के इलाकों में करीब 60 से अधिक घोड़ी मालिक और 25 बग्घी सेवा प्रदाता सक्रिय हैं। शादी सीजन में इनकी बुकिंग इस प्रकार रहती है:

  • घोड़ी की बुकिंग — शाम के समय अधिक
  • बग्घी की मांग — बड़े परिवार और हाई-प्रोफाइल शादियों में ज्यादा
  • अलग-अलग थीम सजावट — LED लाइट्स, फूलों की डेकोरेशन
  • चार–चार बारातें एक दिन में निकलने वाले दिन — एडवांस बुकिंग अनिवार्य

रीवा में शादी सीजन क्यों होता है खास?

रीवा और विंध्य क्षेत्र हमेशा से रॉयल संस्कृति, पारंपरिक रस्मों और भव्य बारातों के लिए जाना जाता है। यहां शादी-ब्याह में:

  • ढोल-नगाड़े
  • बैंड-पार्टी
  • पटाखों की आतिशबाज़ी
  • दूल्हे की शाही एंट्री
  • परिवार की प्रतिष्ठा का भाव

इन सबको मिलाकर यहां की शादियां हमेशा खास होती हैं। इसलिए घोड़ी और बग्घी जैसे पारंपरिक तत्व यहां की विवाह संस्कृति का अहम हिस्सा बने हुए हैं।

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FAQs — रीवा शादी सीजन स्पेशल

1. रीवा में घोड़ी का रेट कितने से शुरू होता है?

रीवा में सफेद घोड़ी का किराया 5000 रुपये से शुरू हो जाता है।

2. बग्घी किराए पर कितने की मिलती है?

सजी-धजी शाही बग्घी 8000 से 10,000 रुपये तक मिलती है।

3. क्या सफेद घोड़ी को शुभ माना जाता है?

हाँ, परंपरा के अनुसार सफेद घोड़ी को शुभ और रॉयल माना जाता है।

4. क्या रीवा में बग्घी की खूब मांग है?

हाँ, हाई-प्रोफाइल और पारंपरिक शादियों में इसकी मांग काफी बढ़ गई है।

5. बुकिंग कितने दिन पहले करनी चाहिए?

शादी के पीक सीजन में 10–15 दिन पहले बुकिंग करना जरूरी होता है।

Aaryan Puneet Dwivedi

Aaryan Puneet Dwivedi

Aaryan Puneet Dwivedi is a senior editor and an experienced journalist who has been active in the news industry since 2013. He has extensive experience covering and editing news across multiple fields, including politics, national and international affairs, sports, technology, business, and social issues. He is a state-level accredited journalist recognized by the Madhya Pradesh government. Known for his in-depth understanding of news and current affairs, he focuses on delivering accurate, reliable, and reader-friendly information across all major news categories.

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