रीवा

REWA: नहीं जीवित हुआ मासूम, कुलदेवी के मंदिर में पूजा-अर्चना कर घर लौटे परिजन

REWA: नहीं जीवित हुआ मासूम, कुलदेवी के मंदिर में पूजा-अर्चना कर घर लौटे परिजन
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MP Rewa News: ग्रामीणों द्वारा परिजनों को बालक के जिंदा न होने की बात भी परिजनों को पूर्व में कही थी।

MP Rewa News: रीवा जिले के सगरा थाना अंतर्गत बक्क्षेरा गांव स्थित कुलदेवी मंदिर (Kuldevi Temple) में मासूम बालक के जिंदा होने की आस लिए परिजन 38 घंटे तक पूजा-अर्चना करते रहे। अंत में जब मासूम जीवित नहीं हुआ तो परिजन घर लौट गए। गौरतलब है कि एक माह पूर्व मृत हुए चार वर्ष के बालक के जिंदा होने की उम्मीद लिए परिजन कुलदेवी के मंदिर में पूजा अर्चना करते रहे। अंत में परिजन निराश होकर घर लौट गए। परिजनों का दावा था कि कुलदेवी ने सपने में आकर मृत बच्चे को जिंदा करने का वरदान दिया है। इसलिए वो कब्र की मिट्टी लेकर मंदिर आए हैं, पूजा-अर्चना कर रहे हैं।

गौरतलब है कि रायपुर कर्चुलियान थाना अंतर्गत खीरा निवासी रीतू कोल के चार वर्षीय बेटे अभि की मौत एक माह पूर्व बीमारी के कारण हो गई थी। इसी कड़ी में गत दिवस अभि की मां रीतू कोल ने अपने परिजनों को बताया कि कुलदेवी ने सपने में आकर उसे वरदान दिया है कि उसका मृत बेटा जिंदा हो जाएगा। बताते हैं कि इसी कारण से मासूम के परिजन बक्क्षेरा स्थित कुलदेवी मंदिर कब्र की मिट्टी लेकर गए।

आस्था को समर्थन

बताया गया है कि ग्रामीणों द्वारा परिजनों को बालक के जिंदा न होने की बात भी परिजनों को पूर्व में कही थी। लेकिन आस्था और विश्वास का समर्थन करते हुए ग्रामीण परिजनों के साथ कुलदेवी के मंदिर गए और पूजा-अर्चना में साथ दिया। देखते ही देखते मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का तांता लग गया। पुलिस ने भी आस्था का साथ देते हुए यहां व्यवस्था बेहतर बनाने में अपना साथ दिया। गौरतलब है कि परिजनों अपने घर लौट गए हैं. हमें आस्था और अंधविश्वास के बीच के अंतर को पहचानना होगा। कभी इन्ही कुलदेवी माँ कालिका और चंडिका की साधना करके परमहंस और शिवाजी महाराज जैसे भी पुरुष हुए हैं जिन्होंने अपने पुरुषार्थ से देश समाज को लाभान्वित किया है, किन्तु मृत्यु एक अटल सत्य है।

Ankit Pandey | रीवा रियासत

Ankit Pandey | रीवा रियासत

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