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Mukundpur Tiger Safari में गोपी की मौत, नहीं थम रही बाघों के मरने की घटनाएं
Mukundpur Tiger Safari में गोपी की मौत, नहीं थम रही बाघों के मरने की घटनाएं
रीवा। जिस उद्देश्य और सपने को लेकर मुकुंदपुर में महाराजा मार्तण्ड सिंह जू देव टाइगर सफारी ( Mukundpur Tiger Safari ) की स्थापना की गई थी वह धूमिल होती नजर आ रही है। प्रबंधन की लापरवाही से आये दिन बाघों की मौत हो रही है लेकिन जिम्मेदार उदासीन बने हुए हैं। चिड़ियाघर में स्थित बाघांे के मरने का सिलसिला चल रहा है। अभी हाल ही में एक तेंदुआ और बाघिन दम तोड़ चुके हैं। अब इस मर्तबा सफेद बाघ गोपी की मौत हो गई है। सफेद बाघ की मौत के बाद लोग हतप्रभ है। आम जनों का कहना है कि डाक्टर और प्रबंधन की लापरवाही के कारण वन्य जीवों की मौत हो रही है।
Mukundpur Tiger Safari में गोपी की मौत, नहीं थम रही बाघों के मरने की घटनाएं
इसके बाद भी जिम्मेदार शांत बैठे हुए हैं। बताया गया है कि वन्य जीवों को बचाने में नाकामयाब रहे जू संचालक संजय रायखेड़े का तबादला भी निरस्त कर दिया गया। डा. राजेश तोमर की प्रतिनियुक्ति समाप्त नहीं की रही है। शायद इन दोनों ने मिलकर चिड़ियाघर को बंद कराने का ठेका ले लिया है। जहां तेजी से वन्य जीव लाए गए थे उसी तेजी से सभी मर भी रहे हैं। हालात ऐसे हो गए हैं कि जल्द ही चिड़ियाघर का संचालन खतरे में पड़ सकता है?