MP के 5 जिलों में तेज बारिश का अलर्ट: भोपाल-इंदौर भी भीगेंगे, अगले 3 दिन तक प्रदेश में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश का अनुमान

MP Monsoon Update: मध्य प्रदेश में मानसून इस साल बेहद सक्रिय रहा है। प्रदेश में 95% से अधिक बारिश हो चुकी है। कई बांधों के गेट खोले गए हैं। जानें किन जिलों में सबसे ज्यादा बारिश हुई और आने वाले दिनों में क्या रहेगा मौसम का हाल।;

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Update: 2024-09-04 05:02 GMT
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MP Monsoon Update: मध्यप्रदेश में इस साल के मानसून सीजन में 95% यानी औसतन 35.3 इंच बारिश हो चुकी है, जिससे राज्य के कई क्षेत्रों में जलस्तर बढ़ गया है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 2 इंच पानी गिरते ही इस साल की सामान्य बारिश का लक्ष्य पूरा हो जाएगा। आने वाले 3 दिनों में राज्य के कई जिलों में हल्की से लेकर तेज बारिश होने की संभावना है।

बुधवार को रतलाम, मंदसौर और अन्य 5 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। भोपाल में सुबह से ही बादलों की चादर छाई हुई है, जिससे हल्की बारिश की संभावना बढ़ गई है। वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक वीएस यादव ने जानकारी दी कि लो प्रेशर एरिया और मानसून ट्रफ प्रदेश से दूर हैं, लेकिन फिर भी अगले 24 घंटों में झाबुआ, रतलाम, मंदसौर, डिंडौरी, सिवनी, और बालाघाट जिलों में कहीं-कहीं तेज बारिश हो सकती है। इसके अलावा, भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर और उज्जैन सहित अन्य जिलों में भी हल्की बारिश और गरज-चमक की स्थिति बनी रहेगी।

आज कैसा रहेगा आपके जिले का मौसम

अति भारी बारिश का अलर्ट

झाबुआ, रतलाम, मंदसौर, डिंडौरी, सिवनी, बालाघाट जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। 24 घंटे में 4 इंच तक पानी गिर सकता है।

हल्की बारिश, गरज-चमक

भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, धार, इंदौर, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर-मालवा, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, मंडला, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर और पांढुर्णा जिलों में हल्की बारिश और गरज-चमक की स्थिति बनी रहेगी।

धार में सबसे ज्यादा बारिश

मंगलवार को राज्य के विभिन्न हिस्सों में मौसम के दोहरे रूप देखने को मिले। धार जिले में ढाई इंच बारिश दर्ज की गई, जबकि भोपाल, इंदौर, नर्मदापुरम, रतलाम, उज्जैन और नौगांव में भी बारिश हुई। धार के कुक्षी में बरखेड़ा डैम के सभी 10 गेट खोल दिए गए, जहां 24 घंटे में 6.5 इंच बारिश दर्ज की गई। डैम का जलस्तर 262.40 मीटर तक पहुंच गया, जिससे 3300 घन मीटर प्रति सेकेंड की दर से पानी छोड़ा जा रहा है।

बांधों में जलस्तर में वृद्धि

जुलाई और अगस्त के बाद सितंबर में भी प्रदेश के बड़े बांधों में जलस्तर में बढ़ोतरी देखी गई है। पिछले दो दिनों से भोपाल के तीन प्रमुख डैम—कलियासोत, केरवा और भदभदा—के गेट खुले रहे, जबकि कोलार डैम का एक गेट भी खोला गया। नर्मदापुरम के तवा डैम के तीन गेट भी 4-4 फीट तक खुले रहे। हालांकि, मंगलवार को इन डैमों के गेट बंद कर दिए गए, लेकिन पानी की आवक जारी रही। बाणसागर, कुंडालिया, बरगी, इंदिरा सागर, ओंकारेश्वर, जोहिला, पारसडोह, चंदौरा और कुंडालिया डैम में भी जलस्तर में वृद्धि दर्ज की गई है।

मंडला और सिवनी में सबसे ज्यादा बारिश

प्रदेश में 21 जून से मानसून सक्रिय हो गया था और इसके बाद से ही बारिश का सिलसिला जारी है। जून, जुलाई और अगस्त के महीनों में भारी बारिश दर्ज की गई है, जिससे कई जिलों में सामान्य से अधिक बारिश हो चुकी है। मंडला जिले में सबसे ज्यादा 47.19 इंच बारिश दर्ज की गई है, जबकि सिवनी में 46 इंच से अधिक बारिश हो चुकी है। प्रदेश के सबसे अधिक बारिश वाले टॉप-10 जिलों में मंडला, सिवनी, छिंदवाड़ा, श्योपुर, डिंडौरी, सीधी, भोपाल, नर्मदापुरम, रायसेन और सागर शामिल हैं।

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